Schools Closed: झारखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा पलामू, गढ़वा और लातेहार समेत 10 जिलों में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की गई है। बाढ़ की चेतावनी के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से पलामू और गढ़वा में चार सितंबर तक स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। जबकि लातेहार में बुधवार यानी आज सभी सरकारी, निजी और गैर-सरकारी स्कूलों में क्लास स्थगित कर दी गई थी। यहां पिछले दो दिनों से हो रही मध्यम से भारी बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं और मौसम विभाग ने पांच सितंबर तक पूरे राज्य में भारी बारिश और बादल छाए रहने का अनुमान जताया है। खराब मौसम के बीच यहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
10 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा
न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा के अनुसार, मौसम विभाग ने राज्य के मुख्य रूप से 10 जिलों—गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा के लिए अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिमी जिलों जैसे पलामू, गढ़वा, लातेहार और चतरा के लिए हल्की से मध्यम बारिश का 'येलो अलर्ट' भी जारी किया गया है।
बीएयू-कांके में सबसे ज्यादा 220 मिमी बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान सबसे अधिक बारिश झारखंड की राजधानी रांची में दर्ज की गई है।
| रांची (बीएयू-कांके) | सबसे अधिक 220 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई |
| जामताड़ा (नाला) | 202.6 मिलीमीटर वर्षा हुई |
| जामताड़ा जिला मुख्यालय | 136.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई |
भारी बारिश के कारण उफान पर नदियां
पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर में स्थिति अधिक संवेदनशील बनी हुई है। झारखंड के चांडिल बांध व गालूडीह बैराज के साथ-साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा के बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण स्वर्णरेखा और खरकई नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। इस बीच लगातार लोगों को सुरक्षिक स्थानों पर जाने के लिए कहा जा रहा है।
