JEE Main 2023: बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) आज 13 अप्रैल को जेईई मेन (JEE Main 2023) 75 प्रतिशत पात्रता मानदंड को हटाने के लिए याचिका पर सुनवाई करेगा। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी, एनटीए से इस प्रयास के लिए 75 फीसदी पात्रता (JEE Main) मानदंड को हटाने का अनुरोध करते हुए याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि पात्रता मानदंड हटाए जाने पर ही ये उचित होगा।
जनहित याचिका में कहा गया है कि उनके द्वारा बनाए गए अंक उनकी वास्तविक क्षमता का सही प्रतिबिंब नहीं हैं, इसलिए इस साल की परीक्षाओं के लिए पात्रता मानदंड (75 फीसदी) से कम अंक वाले छात्र आगामी जेईई मेन 2023 में बहुत अधिक अंक प्राप्त कर सकते हैं और अगर उन्हें एक उचित अवसर से वंचित कर दिया गया है जो लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगा।
6 अप्रैल को हुई थी पिछली सुनवाई
इससे पहले पिछली सुनवाई 6 अप्रैल को हुई थी, जब बॉम्बे हाई कोर्ट ने सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से जेईई मेन 2023 परीक्षा के लिए निर्धारित 75 फीसदी पात्रता मानदंड के संबंध में सभी प्रासंगिक दस्तावेज और डेटा जमा करने को कहा था। मामले में वकील अनुभा सहाय ने कहा कि हाई कोर्ट ने सरकार से 75 फीसदी मानदंड से संबंधित कुछ दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा, जब से ये लागू है और शीर्ष 20 पर्सेंटाइल मानदंड ये कैसे मदद करेगा अगर विभिन्न राज्यों में अलग-अलग शीर्ष 20 पर्सेंटाइल 75 फीसदी से भी अधिक कटौती करते हैं।
एनटीए को आज सहायक दस्तावेज पेश करने हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट आज इस मामले पर अपना फैसला सुना सकता है। बता दें कि जेईई मेन 2023 परीक्षाएं चल रही हैं और 15 अप्रैल, 2023 को समाप्त होंगी। जेईई मेन सत्र 2 की परीक्षाएं 6, 8, 10, 11, 12, 13 और 15 अप्रैल, 2023 को होंगी।
दलील में आगे कहा गया है कि मानदंड उन जेईई उम्मीदवारों के लिए अनुचित है, जिन्होंने COVID-19 महामारी के दौरान अपनी परीक्षा पास की और तैयारी के लिए बाहर हो गए।
