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Indore School Closed: खुलेआम उड़ रही आदेशों की धज्जियां, ठिठुरन भरी ठंड में सुबह-सुबह स्कूल जाने पर मजबूर हुए बच्चे

Indore School Closed: इंदौर में हाल ही में कलेक्टर ने आदेश जारी किया था कि नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक की कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से पहले संचालित नहीं होंगी। साथ ही इस आदेश को न मानने वालों पर कार्रवाई करने की बात भी कही गई थी। मगर अब इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं। बच्चे सुबह-सुबह स्कूल जाने पर मजबूर हैं।

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Indore School Timings

Indore School Closed: इंदौर में कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के स्कूलों का समय सुबह 9:30 बजे से पहले न लगाने के आदेश के बावजूद कई निजी स्कूलों द्वारा खुलेआम आदेशों की अनदेखी का मामला सामने आया है। इस लापरवाही से छोटे-छोटे बच्चे सुबह की ठिठुरन में स्कूल जाने को मजबूर दिखे, जिससे पालकों में नाराजगी है।

डीएम ने दिए थे आदेश

कलेक्टर शिवम वर्मा ने बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि जिले में नर्सरी से कक्षा आठवीं तक की कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से पहले संचालित नहीं होंगी। आदेश में यह भी कहा गया था कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीमें सुबह से ही निरीक्षण पर निकलीं।

तय समय से पहले खुल रहे हैं स्कूल

इसके बावजूद निपानिया, खजराना, गीता भवन, निरंजनपुर, बाणगंगा, वृंदावन कॉलोनी, कुशवाहा नगर और नंदबाग जैसे कई इलाकों से शिकायतें सामने आईं कि निजी स्कूल तय समय से पहले ही बच्चों को बुला रहे हैं। सुबह-सुबह भारी ठंड में यूनिफॉर्म पहने बच्चे स्कूल जाते नजर आए। पालकों ने आरोप लगाया कि कुछ स्कूल संचालक मनमानी पर उतरे हुए हैं और प्रशासनिक आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे।

शिक्षा अधिकारी ने साफ की स्थिति

मीडिया द्वारा सवाल उठाए जाने पर इंदौर की जिला शिक्षा अधिकारी शांता स्वामी भार्गव ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि कलेक्टर का आदेश कुछ स्कूलों को देर से प्राप्त हुआ, जिसके कारण आज सुबह कुछ बच्चे समय से पहले स्कूल पहुंच गए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लगातार हो रही है निगरानी

डीईओ शांता स्वामी भार्गव ने बताया कि शिक्षा विभाग का उड़नदस्ता लगातार निगरानी कर रहा है। जिन स्कूलों में आदेशों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्कूल संचालकों से अपील की कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न करें और प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि

वहीं कलेक्टर शिवम वर्मा ने भी साफ संदेश दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है। आदेश न मानने वाले निजी स्कूलों पर प्रशासन की टेढ़ी नजर है और जरूरत पड़ने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई और निगरानी के बाद यह देखना अहम होगा कि निजी स्कूल आदेशों का पालन करते हैं या नहीं।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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