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Bihar Board 2025: बिहार बोर्ड में हो गए फेल तो घबराए नहीं, BSEB देता है दूसरा मौका, जानें स्क्रूटनी कम्पार्टमेंट व एनओआईसी के बारे में

Bihar Board 2025: बिहार स्कूल एजुकेशन बोर्ड (BSEB) जल्द कक्षा 10वीं व 12वीं परीक्षा का रिजल्ट जारी करेगा। अगर किसी विधार्थी के कम अंक आते हैं या फिर वो किसी एक या दो विषयों में फेल है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बीएसईबी एक और मौका देगा।

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what is Scrutiny

Bihar Board 2025, What is Scrutiny Compartment Supplementary and NOIC: बिहार स्कूल एजुकेशन बोर्ड (BSEB) ने इंटर की परीक्षा 1 फरवरी से 15 फरवरी तक और मैट्रिक की परीक्षा 17 से 25 फरवरी तक आयोजित की थी जल्द ही इन परीक्षाओं का परिणाम जारी किया जाएगा, अगर किसी विधार्थी के कम अंक आते हैं या फिर वो किसी एक या दो विषयों में फेल हो जाता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बीएसईबी एक और मौका देगा।

बिहार बोर्ड परीक्षा के लिए पासिंग मार्क्स

परीक्षार्थियों को कम से कम 33% मार्क्स पाना जरूरी है, इससे कम अंक पाने वाले को फेल माना जाएगा। बिहार बोर्ड मैट्रिक और इंटर में फेल हुए बच्चों को एक और मौका देता है।

कम अंक लाने वाले विधार्थियों के लिए बिहार बोर्ड स्क्रूटनी का आयोजन करता है, जिसके जरिए आपके नंबर बढ़ा सकते हैं। वहीं जो स्टूडेंट्स दो या इससे अधिक विषयों में फेल होते हैं, उनके लिए कंपार्टमेंटल परीक्षा देने का प्रावधान है। जो भी कंपार्टमेंट परीक्षा में पास हो जाता है, वह पास माना जाता है।

Scrutiny क्या है?

स्क्रूटनी का मतलब है सावधानीपूर्वक और विस्तृत जांच करना। अगर आपको लग रहा है कि आपके नबंर किसी विषय मे कम हैं जबकि आपने अच्छे से कॉपी लिखी थी, तो आप दोबारा से कॉपी की जांच के लिए आवेदन कर सकते हैं, इसके लिए सबसे पहले आपको स्क्रूटनी के लिए आवेदन करना होगा, हालांकि इसके लिए फीस भी निर्धारित होती है। स्क्रूटनी के लिए आवेदन करने के बाद आपकी कॉपी फिर से चेक की जाएगी। आपको बता दें कि इसमें जो अंक दिए जाते हैं, बाद में वही फाइनल अंक माने जाते हैं। अगर स्क्रूटिनी में आवेदन कर रहे हैं तो पहले अच्छी तरह से अंकों की जांच पड़ताल कर लें, क्योंकि इसमें प्राप्त अंक ही अंतिम माने जाएंगे, फिर चाहे वो और कम हों या ज्यादा।

कम्पार्टमेंट परीक्षा क्या है?

बोर्ड परीक्षा में "कम्पार्टमेंट परीक्षा" से तात्पर्य उन छात्रों को दी जाने वाली परीक्षा से है, जो एक या दो विषयों में फेल हो गए हैं, लेकिन बाकी में उत्तीर्ण हो गए हैं। कम्पार्टमेंट भरने से छात्र दोबारा से उस सब्जेक्ट की परीक्षा दे सकते हैं, जिसमें वे फेल हुए थे। इसके लिए भी निर्धारित फीस भरनी होती है।

NOIC क्या है?

अगर आप कंपार्टमेंटल एग्जाम में भी फेल हो गए हैं या फिर आप दो से अधिक विषयों में फेल हैं तो आपके पास एनआईओएस से 10वीं और 12वीं करने का मौका है। NOIC से एग्जाम देने के बाद कई फायदे हैं। एनआईओएस में एडमिशन लेने के बाद छात्र अपनी पसंद के विषयों को चुनकर परीक्षा दे सकते हैं। नेशनल स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग घर बैठे पढ़ाई करके एग्जाम दिलवाता है। इसके लिए आपको एनआईओएस की वेबसाइट nios.ac.in पर जाना होगा। ऑन डिमांड परीक्षा के तहत मौजूदा स्टूडेंट्स की परीक्षा होगी।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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