Venus Uranus Shadashtak Yoga 2026: 20 सितंबर 2026 की रात शुक्र और अरुण यानी यूरेनस के बीच करीब 150 डिग्री का संबंध बन रहा है। ज्योतिष में 150 डिग्री के इस संबंध को षडाष्टक या क्विनकंक्स योग के रूप में देखा जाता है। इस समय शुक्र तुला राशि में और वक्री यूरेनस वृषभ राशि में स्थित है। जबकि यूरेनस वक्री गति में है। दोनों की डिग्री के बीच अंतर करीब 150 डिग्री बैठता है। ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, विवाह, धन, लग्जरी, कला और रिश्तों का कारक माना जाता है, जबकि यूरेनस को अचानक बदलाव, अनिश्चितता, नई परिस्थितियों और अप्रत्याशित घटनाओं से जोड़ा जाता है। ऐसे में जब शुक्र और यूरेनस षडाष्टक संबंध में आते हैं तो सुख-सुविधा और स्थिरता से जुड़े मामलों में अचानक बदलाव की स्थिति बनती है। इस योग का असर करीब 3 हफ्तों तक रहेगा। खास तौर पर वे राशियां ज्यादा संवेदनशील रहेंगी जिनके लिए तुला और वृषभ महत्वपूर्ण भावों को सक्रिय कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि किन राशि वालों को इस दौरान सावधानी बरतनी होगी।
वृषभ राशि वालों के लिए यूरेनस पहले भाव में और शुक्र छठे भाव में स्थित हैं। यूरेनस का प्रथम भाव में वक्री होना स्वयं से जुड़े फैसलों, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा में अचानक बदलाव की स्थिति बनाता है, जबकि छठे भाव का शुक्र कर्ज, प्रतिस्पर्धा, नौकरी और स्वास्थ्य संबंधी मामलों को सक्रिय करता है। इस दौरान नौकरी में अचानक बदलाव का विचार मन में आ सकता है और आर्थिक मामलों में भी बिना सोचे कदम उठाने से नुकसान बढ़ सकता है। प्रेम या दांपत्य जीवन में छोटी बात को लेकर बहस की स्थिति बन सकती है। शुक्रवार को सफेद मिठाई का दान करें और किसी भी बड़े आर्थिक फैसले से पहले पूरी जांच जरूर करें।
मिथुन राशि के लिए शुक्र पंचम भाव और यूरेनस बारहवें भाव में हैं। पंचम भाव प्रेम, शिक्षा, संतान, रचनात्मकता और निवेश से जुड़ा है, जबकि बारहवां भाव खर्च और विदेश संबंधी मामलों को दर्शाता है। इस योग में अचानक खर्च बढ़ सकता है और प्रेम संबंध में ऐसा फैसला लिया जा सकता है जिसका बाद में पछतावा हो। शेयर बाजार या सट्टे जैसी जगहों पर बिना पूरी जानकारी पैसा लगाना भी नुकसानदेह रहेगा। विद्यार्थियों का ध्यान भटक सकता है और योजनाओं में अनिश्चितता आ सकती है। अशुभ प्रभाव कम करने के लिए शुक्रवार को जरूरतमंद व्यक्ति को सफेद वस्त्र या चावल का दान करें और निवेश में जल्दबाजी से बचें।
तुला राशि में शुक्र अपनी ही राशि में मौजूद हैं, लेकिन यूरेनस आठवें भाव में वक्री चल रहा है। यही स्थिति इस योग को तुला राशि वालों के लिए विशेष रूप से संवेदनशील बनाती है। आठवां भाव अचानक बदलाव, साझा धन, ससुराल पक्ष और गुप्त मामलों से जुड़ा है। बिजनेस पार्टनरशिप में कोई अप्रत्याशित बदलाव सामने आ सकता है। दांपत्य जीवन में अचानक मतभेद पैदा हो सकते हैं और आर्थिक मामलों में किसी दूसरे व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा करना भारी पड़ सकता है। शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा करें और किसी जरूरतमंद महिला को सफेद वस्तु का दान करें।
वृश्चिक राशि वालों के लिए शुक्र बारहवें भाव में और यूरेनस सातवें भाव में स्थित हैं। यह संयोजन रिश्तों और खर्च दोनों को प्रभावित करता है। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर की तरफ से अचानक कोई मांग सामने आ सकती है। विदेश यात्रा, ऑनलाइन खरीदारी या लग्जरी चीजों पर अनियोजित खर्च बजट बिगाड़ सकता है। दांपत्य जीवन में गलतफहमी को बढ़ने देने से रिश्ता प्रभावित होगा। शुक्रवार को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें और जरूरतमंदों को दूध से बनी मिठाई का दान करें।
मीन राशि वालों के लिए शुक्र आठवें भाव और यूरेनस तीसरे भाव में हैं। यह योग अचानक आर्थिक परिस्थितियां बदलने और निर्णय लेने की शैली में अस्थिरता पैदा कर सकता है। भाई-बहन या करीबी लोगों के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकते हैं। सोशल मीडिया या मैसेज के जरिए कही गई कोई बात विवाद का कारण बन सकती है। संयुक्त धन, इंश्योरेंस या निवेश से जुड़े मामलों में डॉक्यूमेंट्स ध्यान से पढ़ना जरूरी होगा। शुक्रवार को सफेद पुष्प से मां लक्ष्मी का पूजन करें और शनिवार को किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं।
यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।