एजुकेशन

Google Map की एक गलती से करियर दांव पर, पुलिस भर्ती के 4 छात्र परीक्षा केंद्र बजाए पहुंचे खेत, छूटा एग्जाम

Google Map पर आंख बंद करके भरोसा करना यूपी पुलिस परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को बहुत भारी पड़ गया है। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बजाए यह छात्र खेतों में पहुंच गए, जिस कारण उनकी परीक्षा छूट गई।

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Google Map के कारण छूटी यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा (Photo- AI)

आजकल हम किसी भी अनजान जगह जाने के लिए आंख बंद करके Google Map पर भरोसा कर लेते हैं। किसी भी जगह की लोकेशन जानना है तो सबसे पहले गूगल मैप खोला जाता है। लेकिन इस बार आंख मूंदकर किया गुगल मैप पर किया गया भरोसा चार परीक्षार्थियों के लिए जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुआ। जी हां, उत्तर प्रदेश की पुलिस भर्ती परीक्षा (UP Police Recruitment Exam) में शामिल होने आए चार अभ्यर्थियों मैप की एक तकनीकी खराबी या गलत लोकेशन के कारण परीक्षा केंद्र पहुंचने के बजाय 59 किलोमीटर दूर दूसरे जिले के खेतों में पहुंच गए। जब तक वे वापस लौटे, परीक्षा का समय समाप्त हो चुका था और उनकी महीनों-सालों की मेहनत पर पूरी तरह से पानी फिर गया था। यह चौंकाने वाली घटना अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

गाजियाबाद और हापुड़ से थे अभ्यर्थी

मीडिया रिपोर्टेस के अनुसार, यह पूरा मामला यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा की पहली शिफ्ट का है। गाजियाबाद के रहने वाले विशाल और धर्मेंद्र मलिक, हापुड़ के निवासी अरुण कुमार और नकुल कुमार ने इस परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन किया था। बुधवार को इन चारों छात्रों का परीक्षा केंद्र मुजफ्फरनगर के नई मंडी, पटेल नगर स्थित दीपचंद ग्रेन चेंबर इंटर कॉलेज में पड़ा था। चारों अभ्यर्थी अपनी-अपनी गाड़ियों परीक्षा देने के लिए समय से निकले थे, लेकिन गूगल मैप के चलते पहुंच नहीं पाए।

कॉलेज के बजाय पहुंचे 'खेत'

क्योंकि यह सभी छात्र मुजफ्फरनगर शहर से पूरी तरह से अनजान थे, इसलिए उन्होंने मोबाइल पर गूगल मैप चालू किया और एडमिट कार्ड पर दिए गए परीक्षा केंद्र का नाम व कोड डालकर नेविगेशन ऑन की, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वह परीक्षा केंद्र की बजाए खेतों में पहुंच जाएंगे। गूगल मैप ने इन चारों छात्रों को मुजफ्फरनगर की बजाय वहां से लगभग 60 किलोमीटर दूर शामली जिले के जंधेड़ी गांव पहुंचा दिया। जहां मैप में कॉलेज की बिल्डिंग दिखाई दे रही थी, वहां असलियत में सुनसान खेत मिला। गलत लोकेशन पर पहुंचने के कारण छात्र आनन-फानन में वापस मुजफ्फरनगर के लिए निकलने, लेकिन जब तक वह सही लोकेशन पर पहुंचे, देर हो चुकी थी। उनकी परीक्षा समाप्त हो गई थी।

परीक्षा दोबारा कराने की एसपी सिटी से लगाई गुहार

परीक्षा छूटने से परेशान चारों छात्र सीधा मुजफ्फरनगर के एसपी सिटी अमृत जैन के पास पहुंचे। उन्होंने लिखित शिकायत दर्ज कराई और रोते हुए पुलिस अधिकारियों को बताया कि वे अपनी गलती से नहीं, बल्कि गूगल मैप के गलत रास्ते के कारण भटके गए और उनकी परीक्षा छूट गई। छात्रों ने रोते हुए परीक्षा दोबारा कराने की गुहार लगाई। एसपी सिटी ने मामले की जांच कराई तो उन्हें जानकारी मिली की उस केंद्र पर कुल 480 छात्र रजिस्टर्ड थे, जिनमें से 376 छात्र सही समय पर पहुंचे और उन्होंने परीक्षा दी। परीक्षा नियमों के अनुसार, परीक्षा समय बीतने के बाद परीक्षा दोबारा नहीं कराई जा सकती है।

एडमिट कार्ड पर आएगा QR Code

इस अजीबोगरीब और दुखद घटना के बाद पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया। छात्रों को इस प्रकार की दिक्कत का दोबारा सामना न करना पड़े और रास्ता भटकने के कारण किसी भी उम्मीदवार का पेपर न छूटे इसे ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया गया है। अब आगे होने वाली परीक्षाओं के एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र की सटीक लोकेशन का 'क्यूआर कोड' (QR Code) अंकित किया जाएगा। छात्र इस क्यूआर कोड को स्कैन करके सीधे बिना भटके असली परीक्षा केंद्र के गेट तक पहुंच सकेंगे। एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि गूगल मैप पर परीक्षा केंद्र की गलत लोकेशन फीड होने के कारण ही यह भ्रम फैला था। इस तकनीकी गड़बड़ी को लेकर गूगल और पुलिस भर्ती बोर्ड को आधिकारिक पत्र भेजा गया है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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