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खुली ChatGPT से नकल की पोल, कॉपी में मिला 'वीडियो देखने के लिए लिंक, कॉलेज के रिजल्ट पर लगी रोक

ChatGPT cheating Exposed: मध्य प्रदेश के सागर स्थित डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध एक निजी कॉलेज में परीक्षा के दौरान कथित रूप से ChatGPT की मदद से सामूहिक नकल करने का मामला सामने आया है।

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खुली ChatGPT से नकल की पोल

ChatGPT cheating Exposed: मध्य प्रदेश के सागर स्थित डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध एक निजी कॉलेज में परीक्षा के दौरान कथित रूप से ChatGPT की मदद से सामूहिक नकल करने का मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित कॉलेज के सभी परीक्षा परिणामों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, मई में विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध 17 महाविद्यालयों में दूसरे, चौथे और छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित की गई थी। केंद्रीय मूल्यांकन व्यवस्था के तहत सभी उत्तर पुस्तिकाएं जांच के लिए सागर विश्वविद्यालय भेजी गई। मूल्यांकन के दौरान अर्थशास्त्र विषय की एक उत्तर पुस्तिका में परीक्षक की नजर एक असामान्य पंक्ति पर पड़ी, जिसमें लिखा था कि पूरे उत्तर का वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें। इस टिप्पणी ने परीक्षक को चौंका दिया और उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी परीक्षा नियंत्रक को दी।

प्राथमिक जांच के बाद संबंधित छात्र की पहचान छिंदवाड़ा जिले के सौंसर स्थित सतपुड़ा इंस्टीट्यूट से हुई। इसके बाद उसी कॉलेज के अन्य छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की भी जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने लगभग एक जैसे उत्तर लिखे थे। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि उत्तर ChatGPT से प्राप्त सामग्री को देखकर लिखे गए थे। यह समानता केवल एक विषय तक सीमित नहीं रही, बल्कि तीन अलग-अलग विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं में भी ऐसा ही पैटर्न मिला।

विश्वविद्यालय ने कॉलेज का रिजल्ट रोका

मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सतपुड़ा इंस्टीट्यूट के सभी परीक्षा परिणाम फिलहाल रोक दिए हैं। वहीं विश्वविद्यालय से संबद्ध अन्य कॉलेजों के परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं।

जारी होगा कारण बताओ नोटिस

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि संबंधित कॉलेज प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोबारा परीक्षा आयोजित करने, परीक्षा केंद्र बदलने या नियमों के अनुसार अन्य अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। यह मामला परीक्षा की निष्पक्षता और तकनीक के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

Aditya Singh
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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