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CBSE Revaluation 2026: सीबीएसई ने मांगे रिवैल्यूएशन के लिए 277680 रुपये, क्या वेबसाइट पर आ गया टेक्निकल ग्लिच

CBSE Revaluation 2026: सीबीएसई रिवैल्युएशन प्रक्रिया लगातार विवादों में घिरी हुई है। स्कैन कॉपी, सर्वर डाउन आदि के बाद अब रिवैल्यूएशन फीस का भारी-भरकम शुल्क बड़ा मुद्दा बन गया है। छात्रों में फीस हजारों-लाखों रुपये मांगे जा रहे हैं।

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(Photo - AI)

CBSE Revaluation 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की रिवैल्यूएशन प्रक्रिया का विवाद थमने के बजाय हर दिन एक नए विवाद के सवालों के घेरे में बना हुआ है। वेबसाइट क्रैश होने, पेमेंट फेल होने और धुंधली आंसर शीट मिलने की शिकायतों के बाद अब इस मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर छात्र और अभिभावक अब ऐसे स्क्रीनशॉट साझा कर रहे हैं, जिनमें री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर फीस की रकम में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कहीं प्रति विषय फीस 8 हजार रुपये मांगी जा रही है, तो वहीं कई छात्रों को 69 हजार रुपये का आवेदन शुल्क दिखाई दे रहा है। इस अजीबोगरीब बदलाव के बाद बोर्ड की सुरक्षा और टेक्निकल सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या सीबीएसई का पोर्टल हो गया हैक

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा उस समय फूटा, जब पोर्टल पर प्रति विषय फीस की रकम अचानक बदलने लगी। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने सीबीएसई को टैग करते हुए लिखा कि बोर्ड की साइट हैक हो चुकी है और छात्रों के साथ धोखा किया जा रहा है। इस पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि री-इवैल्यूएशन की फीस कुछ ही घंटों के भीतर बार-बार बदल रही है। कभी 1 रुपया दिखा रहा है तो फिर कुछ ही सेकेंड में 69.76 रुपये, उसके कुछ सेकेंड बाद 8 हजार तो बाद में बढ़कर यह 69,420 पहुंच गई। छात्रों द्वारा इस शुल्क के साथ कई स्क्रीनशॉट्स तेजी से वायरल हो रहे हैं। जहां एक तरफ छात्रों में इसे लेकर गुस्सा देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ बदलता हुआ यह अमाउंट एक मीम बन गया है। सीबीएसई का सिस्टम इस समय मजाक बनकर रह गया है।

तीन दिनों से जारी है लॉगिन और पेमेंट की मुश्किलें

सर्वर डाउन, पेमेंट फेल, आवेदन में परेशानी के बाद अब फीस से जुड़ी नई गड़बड़ी से छात्र परेशान नजर आ रहे हैं। पिछले तीन दिनों से छात्र लगातार पोर्टल की कमियों से जूझ रहे हैं। देश भर के अभ्यर्थियों ने शिकायत की है कि वेबसाइट पर लॉगिन नहीं हो पा रहा है, पेमेंट पेज अटक जाता है, और बिना किसी कन्फर्मेशन के ही छात्रों के बैंक खातों से पैसे कट रहे हैं। इतना ही नहीं, वेबसाइट खोलने पर बार-बार "सर्विस उपलब्ध नहीं है" (Service Unavailable) का एरर दिखाई दे रहा है। इस दिक्कत ने छात्रों के मानसिक तनाव को दोगुना कर दिया है, जो पहले से ही JEE, NEET और CUET जैसी कठिन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दबाव में हैं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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