AI for Kids : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में कक्षा 3 से 8 के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग पाठ्यक्रम लॉन्च किया। मंत्री ने कहा कि इस पाठ्यक्रम के लॉन्च से स्कूली शिक्षा व्यवस्था में AI की व्यवस्थित शिक्षा की औपचारिक शुरुआत होगी। CBSE ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CBSE AI Curriculum for Kids) के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए एक्सपर्ट्स का एक पैनल बनाया था और अब तक CBSE कक्षा 6 से आगे AI को 15 घंटे के स्किल मॉड्यूल के रूप में पेश करता था। AI को कक्षा 9-12 के छात्रों के लिए एक ऑप्शनल सब्जेक्ट के तौर पर भी रखा जाता है। लेकिन अब स्कूलों में AI for All के जरिये छोटे बच्चों को भी एआई के लिए तैयार किया जा रहा है।
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि अब पढ़ाई से न सिर्फ युवा ही बदलने चाहिए बल्कि एक ऐसा संसार तैयार होना चाहिए, जो उन तरीकों को बदलेगा, जिनकी हम अभी भविष्यवाणी भी नहीं कर सकते।
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इसका मकसद सिर्फ ये नहीं है कि ये बच्चे आगे जाकर भविष्य में एआई की टेक्नोलॉजी को अपनाएँ, बल्कि उन्हें आकार भी दे सकें। बच्चों को सिर्फ कोडिंग सिखाना जरूरी नहीं है बल्कि ये भी सिखाना है कि टेक्नोलॉजी आखिर काम कैसे करती है। एआई की बुनियादी समझ बच्चों की क्रिटिकल थिंकिंग को जन्म देती है।
सीबीएसई करने जा रहा बड़ा बदलाव
दरअसल, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) छात्रों के लिए एक बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) पाठ्यक्रम शुरू कर रहा है। यह पाठ्यक्रम कक्षा 3 से शुरू होकर कक्षा 12 तक चलेगा, और इसे 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से अच्छे तरीके से लागू किया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार किए गए इस ढांचे का उद्देश्य छात्रों को केवल टेक्नोलॉजी का उपभोग करने वालों से बदलकर उसका निर्माण करने वाला बनाना है, जिससे उनमें तार्किक सोच और AI के नैतिक उपयोग की भावना विकसित हो सके।
