CBSE 12th Revaluation 2026: सीबीएसई की मार्किंग स्कीम पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (Central Board Of Secondary Education) ने कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए परिणाम घोषित होने के बाद उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। बोर्ड ने कहा कि वह निष्पक्ष, पारदर्शी और समान मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से छात्रों को निर्धारित समीक्षा प्रक्रिया के तहत अपनी मूल्यांकित आंसर शीट की प्रतियां प्राप्त करने का अवसर दिया जाएगा। बोर्ड के अनुसार रिजल्ट जारी होने के बाद यदि किसी छात्र को अपने प्राप्त अंकों को लेकर किसी प्रकार का कोई संदेह होता है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत उत्तर पुस्तिका के लिए आवेदन कर सकते हैं।
CBSE 12th Revaluation: रीचेकिंग की सुविधा उपलब्ध
इसके लिए छात्र सबसे पहले अंक सत्यापन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद जरूरत पड़ने पर मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी प्राप्त करने और पुनर्मूल्यांकन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। बोर्ड के अनुसार रिजल्ट जारी होने के बाद यदि किसी छात्र को अपने प्राप्त अंकों को लेकर कोई संदेह होता है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकता है।
ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे आवेदन
CBSE का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य छात्रों को पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना है ताकि वे अपने प्रदर्शन को बेहतर तरीके से समझ सकें। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे और इसके लिए विषयानुसार निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा। आवेदन की तारीखें और अन्य दिशा-निर्देश बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे।

CBSE Revaluation 2026

CBSE 12th Exam Revaluation
निष्पक्ष, न्यायसंगत, पारदर्शी और समान मूल्यांकन प्रणाली
बोर्ड ने बोर्ड ने अपने बयान में यह भी कहा है कि वह निष्पक्ष, न्यायसंगत, पारदर्शी और समान मूल्यांकन प्रणाली बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। CBSE के मुताबिक, बोर्ड की सभी मूल्यांकन प्रक्रियाएं मजबूत और पारदर्शी नियमों के तहत संचालित की जाती हैं ताकि छात्रों के हित सुरक्षित रह सकें। बोर्ड के अनुसार, ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के जरिए परीक्षकों को स्टेप-बाय-स्टेप मार्किंग करनी होती है, जिससे हर उत्तर का निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित हो सके। CBSE ने कहा कि यह प्रणाली लंबे समय से बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और इससे अलग-अलग क्षेत्रों तथा विषयों में अंक देने की प्रक्रिया अधिक वस्तुनिष्ठ बनी है।
