Career In Investment Banker: कोरोना महामारी के बाद देश की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत हुई है। सरकारी आंकड़ों के आधार पर कहा जा रहा है कि कोरोना के बाद देश की अर्थव्यवस्था एक बार फिर से उठ खड़ी हुई है और अब सरपट दौड़ रही हैं। ग्रोथ कर रही इन इंडस्ट्री में एक बैंकिंग सेवा भी है। इन्वेस्टमेंट या बैंकिंग में रुचि रखने वालों के लिए इन्वेस्टमेंट बैंकर के रूप में बहुलता से अवसर मिलते हैं। यदि आप भी इन्वेस्टमेंट बैंकर बनकर अपने करियर बनाना चाहते हैं तो यह समय आपके लिए बेस्ट रहेगा।
इन्वेस्टमेंट बैंकर का काम
किसी भी सरकारी या प्राइवेट कंपनी में इन्वेस्टमेंट बैंकरों का सबसे महत्वपूर्ण रोल होता है। उन्हें आर्थिक लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड का रख-रखाव, मॉडिफिकेशन, टेस्टिंग, डेवलपमेंट, कंपनी कैपिटल, फंड, लोन, स्टॉक आदि पर काम करना होता है। उन्हें कंपनी के क्लाइंट को लोन दिलाने और इन्वेस्टमेंट करने की प्रक्रिया में सहयोग भी करना बेहद जरूरी है।
कोर्स और योग्यता
इस फील्ड में करियर बनाने के लिए छात्र साइंस या कॉमर्स से 12वीं करने के बाद इस फील्ड में करियर बना सकते हैं। इसमें बैचलर डिग्री होना अनिवार्य है। अधिकतर कंपनियां मास्टर के बाद नौकरी देती है। लेकिन प्रोफेशन में अगर हाई डिग्री की बात करेंतो इसमें एमबीए, सीए, कॉस्ट एंड मैनेजमेंट एकाउंटेंसी, सीए, सीएफए जैसी डिग्री होना अनिवार्य है। वहीं इसके साथ में मास्टर इन इंटरनेशनल बिजनेस (एमआईबी) और कई तरह के पीजी डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें एमबीए इन इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, बीए इन फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, पीजी डिप्लोमा इन बैंकिंग एंड फाइनेंस, पीजी डिप्लोमा इन ग्लोबल इन्वेस्टमेंट, डिप्लोमा इन इन्वेस्टमेंट बैंकिंग एंड इक्विटी रिसर्च और यूजी प्रोग्राम इन पोर्टफोलियो मैनेजमेंट एंड इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कोर्स भी कराए जाते हैं।
वर्किंग स्किल्स
वर्किंग स्किल्स में प्रोफेशनल्स के अंदर अतिरिक्त गुण होने आवश्यक है। क्योंकि इसमें प्रोफेशनल्स को जमकर जोड़ घटाव करना पड़ता है। इसलिए उन्हें गणित की जानकारी और केल्कुलेशन करना आना बेहद जरूरी है। इसके अलावा उन्हें प्रेशर में काम करना, फाइनेंशियल स्किल्स में बेहतर होना और नई चीजों को जानना बेहद जरूरी है।
रोजगार की असीम संभावनाएं
इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के फील्ड में कमर्शियल बैंक सबसे बड़े रोजगार प्रदाता के रूप में जाने जाते हैं। टेरडिंग फर्म, कैपिटल मार्केट, लोन देने वाली कंपनियों में हर साल बड़े स्तर पर इन्वेस्टमेंट बैंकरों की नियुक्ति होती है। यहां ये प्रोफेशनल्स पोर्टफोलियो मैनेजर और फाइनेंशियल के रूप में भी अपने काम को गति देते हैं। यहां पर फर्मों को ऐसे लोगों की भी जरूरत पड़ती है, जो उनकी फाइनेंशियल प्लानिंग, प्रोजेक्शन प्लानिंग, खर्च और एसेट प्लानिंग का विश्लेषण कर सकें। हेल्थकेयर, टेक्नोलॉजी और एनर्जी इंडस्ट्री में भी इनकी डिमांड बनी रहती है। मल्टीनेशनल कंपनियां हमेशा इन्वेस्टमेंट बैंकरों को तलाश में रहती हैं।
सैलरी
कोर्स के बाद शुरुआत में इनकी सैलरी 40 से 60 हजार रुपये हर माह के बीच हो सकती है। एक्सपीरियंस के बाद ये कुछ ही सालों में ये प्रति माह एक लाख रुपये से ज्यादा की सैलरी हासिल कर सकते हैं। वहीं कई मल्टीनेशनल कंपनियां युवाओं को सालाना पैकजे 15 से 20 लाख रुपये की देती हैं।

