ऑस्ट्रेलिया की स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने भारतीय छात्राओं के लिए इंजीनियरिंग क्षेत्र में एक विशेष स्कॉलरशिप की घोषणा की है। इस स्कॉलरशिप का उद्देश्य इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करना है। 2027 में ऑस्ट्रेलिया में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने की योजना बना रही भारतीय छात्राओं के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण हो सकता है। छात्राओं को आवेदन से पहले यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर स्कॉलरशिप की शर्तों, पात्रता और आवेदन की अंतिम तारीख की जानकारी जरूर देखनी चाहिए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आवेदन की अंतिम तारीख 15 जनवरी 2027 है।
स्कॉलरशिप में क्या-क्या मिलेगा?
स्विनबर्न यूनिवर्सिटी की इस स्कॉलरशिप के तहत योग्य छात्राओं को ट्यूशन फीस में 30 प्रतिशत तक की छूट दी जा सकती है। यह छूट कोर्स की तय अवधि तक लागू होगी। स्कॉलरशिप के लिए इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन से जुड़े कई ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन कोर्स शामिल किए गए हैं। इनमें बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (ऑनर्स), बैचलर ऑफ कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट (ऑनर्स), मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग साइंस, मास्टर ऑफ प्रोफेशनल इंजीनियरिंग और मास्टर ऑफ कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट जैसे कोर्स शामिल हैं।
कौन कर सकता है आवेदन?
जिन छात्रों को पहले से स्विनबर्न यूनिवर्सिटी या किसी अन्य संस्था की ट्यूशन फीस स्कॉलरशिप अथवा फीस में दूसरी छूट मिल रही है, वे इस स्कॉलरशिप के लिए पात्र नहीं हो सकते हैं। यह स्कॉलरशिप अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए है। 2027 में पहली बार मेलबर्न स्थित यूनिवर्सिटी के हॉथॉर्न कैंपस में संबंधित कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्र इसके लिए विचार किए जा सकते हैं। आवेदकों को यूनिवर्सिटी और संबंधित कोर्स की प्रवेश शर्तों को पूरा करना होगा। इसके अलावा, छात्राओं को स्कॉलरशिप की अन्य शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
कैसे होगा चयन?
योग्य छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्कॉलरशिप के लिए उनके पिछले शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर स्वतः विचार किए जाने की व्यवस्था है। इसके लिए अलग से आवेदन की जरूरत नहीं हो सकती है। यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए आवेदन करने के बाद सफल उम्मीदवारों को ऑफर लेटर दिया जाएगा। इसी पत्र में स्कॉलरशिप मिलने की जानकारी भी दी जा सकती है।
