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2005 से जेल में बंद अबू सलेम अब मांग रहा 14 दिन की पैरोल, महाराष्ट्र सरकार का इनकार, आखिर क्या है काम?

Abu Salem News: लोक अभियोजक मनखुवर देशमुख ने कहा कि 14 दिन की पैरोल संभव नहीं है क्योंकि सलेम एक 'अंतरराष्ट्रीय अपराधी' है। देशमुख ने अदालत से कहा कि जेल अधिकारियों ने कहा है कि उसे पुलिस सुरक्षा के साथ केवल दो दिन की पैरोल दी जा सकती है, जिसका खर्च वह खुद उठाएगा।

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2005 से जेल में बंद अबू सलेम अब मांग रहा 14 दिन की पैरोल, महाराष्ट्र सरकार का इनकार

Abu Salem Parole: महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को बंबई उच्च न्यायालय को बताया कि 1993 के मुंबई बम धमाका मामले में दोषी गैंगस्टर अबू सलेम एक अंतरराष्ट्रीय अपराधी है और उसे पुलिस सुरक्षा के साथ केवल दो दिन की आपातकालीन पैरोल दी जा सकती है। सलेम ने अपने बड़े भाई की मृत्यु का हवाला देकर 14 दिन की पैरोल मांगी थी।

लोक अभियोजक मनखुवर देशमुख ने कहा कि 14 दिन की पैरोल संभव नहीं है क्योंकि सलेम एक 'अंतरराष्ट्रीय अपराधी' है। देशमुख ने अदालत से कहा, 'जेल अधिकारियों ने कहा है कि उसे पुलिस सुरक्षा के साथ केवल दो दिन की पैरोल दी जा सकती है, जिसका खर्च वह खुद उठाएगा।'

सलेम की वकील का तर्क

सलेम की वकील फरहाना शाह ने कहा कि दो दिन की पैरोल काफी नहीं होगी क्योंकि उसे उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जाना है। शाह ने कहा, 'पुलिस सुरक्षा की भी जरूरत नहीं है। वह दो दशक से अधिक समय से जेल में है और आपात पैरोल मांग रहा है।' उन्होंने कहा कि सलेम भारतीय नागरिक है।

मामला अगले हफ्ते तक स्थगित

न्यायमूर्ति अजय गडकरी और न्यायमूर्ति श्याम चंडक ने सरकार को एक हलफनामा दाखिल करके सलेम को 14 दिन की पैरोल देने से संबंधित चिताओं के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया। मामले की सुनवाई अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

क्यों चाहिए पैरोल?

सलेम ने पिछले साल दिसंबर में याचिका दायर कर अपने बड़े भाई अबू हाकिम अंसारी की नवंबर में मृत्यु होने का हवाला देकर पैरोल मांगी थी।

उसने याचिका में कहा था कि अदालत में क्रिसमस के अवकाश के कारण उसकी याचिका में देरी हुई है। सलेम की याचिका के अनुसार उसने 15 नवंबर को अपने भाई के अंतिम संस्कार और संबंधित रस्मों को पूरा करने के लिए जेल अधिकारियों से 14 दिन की आपातकालीन पैरोल मांगी थी।

हालांकि जेल अधिकारियों ने 20 नवंबर 2025 को एक आदेश के जरिये अर्जी खारिज कर दी थी। सलेम ने कहा था कि नवंबर 2005 में गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में है और उसे सिर्फ अपनी मां तथा सौतेली मां की मौत के बाद कुछ दिन की पैरोल दी गई थी।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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