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Shraddha Murder Mystery: फ्लैट में मिली आरी, आफताब ने इसी से श्रद्धा को किए थे टुकड़े-टुकड़े? अब खुल सकता है राज

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Nov 18, 2022, 07:55 AM IST

Shraddha Murder Mystery : श्रद्धा मर्डर केस में जांच टीम को एक अहम सुराग आरी मिली है। जिससे आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawalla) ने अपने लिव इन पार्टनर के 35 टुकड़े किए थे। लेकिन अभी यह साबित करना बाकी है कि इससे ही उसने उसकी बॉडी को खंड-खंड किया था।

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श्रद्धा मर्डर मामले में मिले अहम सुराग

Photo : Times Now Digital

Shraddha Murder Mystery : श्रद्धा मर्डर केस में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब पुलिस को अपनी लिव इन पार्टनर की हत्या करने और उसके शरीर को 35 टुकड़ों में काटने के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawalla) के छतरपुर के किराए के फ्लैट से एक आरी मिली है। सूत्रों के मुताबिक जांच में शामिल एक अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि इस दिल दहला देने वाले मामले में यह अभी तक के सबसे बड़े सबूत हो सकते हैं। इस आरी की बरामदगी जांच के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। अगर फोरेंसिक जांच से यह साबित हो जाता है कि श्रद्धा के शरीर को टुकड़े-टुकड़े करने के लिए वास्तव में यही हथियार इस्तेमाल किया गया था तो यह इस मामले में पहला वास्तविक सबूत होगा। किसी भी हत्या की जांच दो पहलुओं पर आधारित होती है। हत्या के हथियार और शरीर की बरामदगी। क्योंकि पुलिस के सामने की गई स्वीकारोक्ति कानून की अदालत में स्वीकार्य नहीं होती है जब तक कि पुष्टिकारक साक्ष्य द्वारा साबित न हो।

एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने कहा कि यह आरी आफताब पूनावाला (Aftab Poonawalla) के पहली मंजिल के फ्लैट से 4 से 5 दिन पहले बरामद किया गया था और उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था क्योंकि जांचकर्ताओं को संदेह है कि यह वह हथियार हो सकता है जिससे 28 वर्षीय ने कथित तौर पर हत्या करने के बाद अपनी प्रेमिका की बॉडी के टुकड़े-टुकड़े कर दिए हों। अधिकारी ने बताया कि पुलिस को पूछताछ के बाद तलाशी के दौरान उसके घर में एक आरी मिली थी। अभी तक यह पुष्टि नहीं की जा सकी है कि यह वही हथियार है जिसका उसने इस क्राइम में इस्तेमाल किया था जब तक कि इसकी फोरेंसिक एक्सपर्ट द्वारा वैज्ञानिक रूप से जांच नहीं की जाती है।

जांच में शामिल एक अन्य अधिकारी ने एचटी को बताया कि पूनावाला ने पुलिस को कहा कि उसने 18 मई की शाम को गुस्से में आकर अपनी साथी श्रद्धा वाकर (Shraddha Walkar) का गला घोंट दिया, क्योंकि दोनों के महाराष्ट्र से दिल्ली जाने को लेकर झगड़ा हो गया था। हलांकि हिरासत में लिए गए आरोपी की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक तौर पर बयान नहीं दिया गया है।

पूनावाला ने पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया कि उसने छह महीने पहले श्रद्धा वाकर की हत्या की। उसके शरीर को दो दिनों में कम से कम 35 टुकड़ों में काट दिया। उन टुकड़ों को तीन महीने तक रेफ्रिजरेटर में रखा। फिर धीरे-धीरे दिल्ली के जंगलों में श्रद्धा की बॉडी के अंगों के टुकड़ों को फेंक दिया था। साथ ही पुलिस ने बताया कि कपल ने छतरपुर में फ्लैट में रहने के तीन दिन बाद 18 मई को पैसों को लेकर झगड़ा किया था। लेकिन उनके कबूलनामे और सुरागों की एक सीरीज के अलावा, पुलिस जांच में सबूत के बड़े टुकड़े नहीं मिले हैं। जांचकर्ताओं ने पास के जंगलों से हड्डियों के 13 टुकड़े बरामद किए और फ्लैट में कुछ खून के धब्बे पाए लेकिन अभी तक निर्णायक रूप से यह साबित करना बाकी है कि हड्डियां और खून के धब्बे श्रद्धा वॉकर के हैं।

अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर एचटी को बताया कि फोरेंसिक एक्सपर्ट आरी की जांच करेंगे और घटनास्थल पर या अन्य जगहों से बरामद खून के नमूनों से इसका मिलान करेंगे। अगर खून वॉकर का साबित होता है और संदिग्ध हथियार पर किसी भी निशान से मेल खाता है, तो यह साबित होगा कि आरी का इस्तेमाल श्रद्धा को मारने के लिए किया गया था।

अधिकारी ने यह भी कहा कि पूनावाला ने अपने कबूलनामे में उल्लेख किया है कि उसने श्रद्धा (Shraddha Walkar) के शरीर को क्षत-विक्षत करने के लिए एक से अधिक हथियारों का इस्तेमाल किया और इसकी की तलाश की जार रही है। यह सुनिश्चित करने के लिए की आरी की बरामदगी निर्णायक रूप से हत्या से जुड़ी है या नहीं। आरी घरेलू कामों के लिए भी घर पर मौजूद हो सकती है।

लेकिन अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ताओं ने इस पहलू पर गौर किया और पूनावाला के घर में आरी रखने का कोई ठोस कारण नहीं मिला। घर में कोई बढ़ईगीरी या पेंट का काम नहीं था और करीब कोई भी घर पर उससे मिलने नहीं जाता था। पूनावाला ने कभी भी फ्लैट में खाना नहीं बनाया या घर के काम के लिए किसी को काम पर नहीं रखा। पुलिस जांच में पता चला कि पूनावाला ने ऑनलाइन खाना ऑर्डर किया और फ्लैट के दरवाजे या बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर मुख्य गेट पर डिलीवरी प्राप्त की।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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