क्राइम

गलत इंजेक्शन दिए जाने से गर्भवती महिला और बच्चे की हुई मौत, जांच में फर्जी मिले 2 डॉक्टरों पर केस दर्ज

Bhadohi: उत्तर प्रदेश के भदोही में गलत इंजेक्शन लगाने वाले 2 फर्जी डॉक्टरों पर केस दर्ज किया गया है। सीएमओ ने बताया कि दोनों डॉक्टरों की डिग्री भी फर्जी पाई गई।

Image

गर्भवती महिला को गलत इंजेक्शन दिए जाने के कारण हुई मौत

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Bhadohi Crime: उत्तर प्रदेश के भदोही में गलत इंजेक्शन लगाने वाले 2 फर्जी डॉक्टरों पर केस दर्ज किया गया है। बता दें, कुछ दिनों पहले एक गर्भवती महिला की प्रसव के दौरान इंजेक्शन लगाने पर मौत हो गई थी। इसके बाद परिजन ने थाने में इसकी शिकायत की थी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि एक दलित महिला की मौत के मामले में दो फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। महिला को कथित तौर पर गलत इंजेक्शन लगाया गया था। महिला को प्रसव के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां गर्भ में पल रहे उसके नौ माह के भ्रूण की भी मौत हो गई। औराई थाना प्रभारी सचिदानंद पांडेय ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि फरार दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है।

भदोही के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) संतोष कुमार चक ने बताया कि औराई थाना अंतर्गत विक्रमपुर निवासी अंकित कन्नौजिया ने तहरीर देकर बताया कि 23 अप्रैल को उसने अपनी साली आंचल (23) को प्रसव के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। दोनों डॉक्टरों विनय कुमार पांडे और शिव बहादुर यादव ने ऑपरेशन के लिए 50000 रुपये जमा करवाए और एक इंजेक्शन लगाया जिससे आंचल और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। इसके बाद दोनों डॉक्टर यह कहकर भाग गए कि वहां ऑक्सीजन नहीं है।

दोनों डॉक्टरों की डिग्री पाई गई फर्जी

सीएमओ ने बताया कि अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एके मौर्य द्वारा की गई जांच में पाया गया कि अस्पताल स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत नहीं है। सीएमओ ने बताया कि दोनों डॉक्टरों की डिग्री भी फर्जी पाई गई। इसके साथ ही महिला और भ्रूण की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि दोनों की मौत बेहोश करने के लिए गलत इंजेक्शन दिए जाने के कारण हुई। औराई थाना प्रभारी ने बताया कि सीएमओ की जांच रिपोर्ट और पीड़ित महिला के देवर अंकित कन्नौजिया की तहरीर पर दोनों फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों फर्जी डॉक्टर अस्पताल से फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article