क्राइम

शादीशुदा प्रेमिका को पहले उतारा मौत के घाट, फिर शव से किया दुष्कर्म; आरोपी को पुलिस ने दबोचा

Nagpur: महाराष्ट्र के नागपुर से एक सिरफिरे आशिक ने जुर्म की ऐसी वारदात को अंजाम दिया, जिससे इंसानियत पर भरोसा उठ जाए। प्रेमी ने विवाहित प्रेमिका की हत्या कर दी, उसके बाद उसने शव के साथ दुष्कर्म किया और फिर फरार हो गया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया है और मामले की जांच में जुट गई है।

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प्रेमी ने प्रेमिका की हत्या के बाद उसके शव से किया दुष्कर्म।

Crime News: बीते 6 फरवरी की बात है, जब महाराष्ट्र के नागपुर के हुडकेश्वर थाना क्षेत्र में एक वारदात को अंजाम दिया गया। संदिग्ध हालत में एक महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई। एक सिरफिरे आशिक ने अपनी प्रेमिका को न सिर्फ मौत के घाट उतारा, बल्कि उसके शव के साथ दुष्कर्म भी किया। पुलिस ने 25 वर्षीय आरोपी रोहित गणेश टेकाम को गिरफ्तार कर लिया है। इस वारदात से जुड़ी अहम जानकारी नीचे पढ़िए।

दोनों के बीच कैसे शुरू हुआ था प्रेम प्रसंग?

जानकारी के मुताबिक 32 वर्षीय विवाहिता हुडकेश्वर खुर्द में रहती थी। वह मूल रूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली है और छह साल पहले काम की तलाश में अपने पति के साथ नागपुर आई थी। उसका पति सुबह ढाबे पर काम करने के बाद सीधे आधी रात को घर आता है। कंस्ट्रक्शन इंजीनियर रोहित टेकाम दो साल पहले हुडकेश्वर खुर्द में एक बिल्डिंग के निर्माण का काम कर रहा था। तब पीड़िता और रोहित की जान-पहचान हुई थी।

दोनों में प्रेम प्रसंग शुरू हो गया, इसी बीच बीते 6 फरवरी, गुरुवार को पति के काम पर जाने के बाद पीड़िता ने रोहित को घर बुलाया। बाद में रोहित ने पीड़िता से शारीरिक संबंध की मांग की। पीड़िता उसे मना कर दिया, इससे नाराज होकर रोहित ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर शव के साथ बलात्कार किया और भाग गया। शाम को पीड़िता की बच्ची स्कूल से घर आई तो घटना का पता चला।

मेडिकल रिपोर्ट में शव से दुष्कर्म का हुआ खुलासा

पुलिस ने बताया है कि आरोपी ने शव के साथ दुष्कर्म किया इस बात की पुष्टि हुई है। यौन संबंध बनाने से इनकार करने पर प्रेमी ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या कर दी और इसके बाद उसने शव के साथ दुष्कर्म किया। इस अमानवीय कृत्य का खुलासा तब हुआ जब महिला की बेटी स्कूल से घर आई। 25 वर्षीय आरोपी रोहित गणेश टेकाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

हुडकेश्वर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है, मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि शव के साथ दुष्कर्म किया गया है। पुलिस ने पीड़िता के मोबाइल फोन की कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर रोहित को गिरफ्तार कर लिया है ।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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