Indore News: जिस, मां ने जन्म दिया, जिस भाई ने रक्षाबंधन पर बहन को उसकी रक्षा करने का वादा किया...वही मां, उसी भाई ने युवती को ऐसी मौत दी, कि पुलिस भी कुछ समय के लिए गुमराह होकर रह गई। मध्य प्रदेश के इंदौर से ऑनर किलिंग का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर दिया है। हीरानगर थाना क्षेत्र में एक युवती की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिस बेटी की मौत को मां और भाई 'आत्महत्या' बताकर पुलिस को गुमराह कर रहे थे, असल में वह उन दोनों द्वारा की गई बेरहम हत्या निकली। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मृतका की मां और भाई को गिरफ्तार कर लिया है।
अपने मन से शादी करना चाहती थी युवती
पुलिस जांच और हीरानगर थाने से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका ज्योति अग्रवाल एक मयंक नाम के युवक से बेहद प्यार करती थी और उसी के साथ अपना जीवन बिताना चाहती थी। ज्योति का परिवार इस प्रेम संबंध के पूरी तरह खिलाफ था और घर में लगातार इस बात को लेकर विवाद हो रहा था। 2 अप्रैल को जब मां शीतल अग्रवाल और भाई प्रकाश अग्रवाल को यह भनक लगी कि ज्योति चोरी-छिपे मयंक से मिलने गई थी, तो दोनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। घर लौटते ही दोनों ने ज्योति पर धावा बोल दिया और उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।
रची 'जहर' की कहानी
आरोपियों ने ज्योति को इतनी बेरहमी से पीटा कि सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आने के कारण वह अचेत हो गई और थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई। अपनी ही बेटी की हत्या करने के बाद आरोपियों ने कानून से बचने के लिए एक सोची-समझी स्क्रिप्ट तैयार की। मां-बेटे ने मिलकर पुलिस और अस्पताल को यह कहानी सुनाई कि ज्योति ने प्रेम प्रसंग के तनाव में आकर कोई जहरीला पदार्थ खा लिया है और खुदकुशी की है। मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए आरोपियों ने ज्योति के शव के पास जहर की एक पुड़िया भी प्लांट कर दी, ताकि पुलिस की जांच भटक जाए।
CCTV डेटा ने खोला राज
अपराध को छुपाने की यह साजिश ज्यादा दिन नहीं टिक सकी और पुलिस की वैज्ञानिक जांच के आगे दोनों आरोपी बेनकाब हो गए। सबसे पहला शक तब गहराया जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में साफ हुआ कि ज्योति की मौत जहर से नहीं, बल्कि शरीर और सिर पर आंतरिक व बाहरी गंभीर चोटें लगने के कारण हुई थी। हीरानगर पुलिस ने जब अग्रवाल परिवार के घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो पाया कि घटना वाले दिन का डेटा गायब था। पुलिस ने तुरंत तकनीकी टीम की मदद से डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर के डिलीट किए गए डेटा को रिकवर कराया। इस फुटेज में आरोपियों द्वारा सबूत मिटाने और ज्योति के साथ की गई मारपीट की पूरी सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस ने क्या कहा?
इंदौर एसीपी रुबीना मिजवानी ने कहा, "शुरुआत में परिवार ने इसे जहर खाकर की गई खुदकुशी का मामला बताने की कोशिश की थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घर के सीसीटीवी का डिलीटेड डेटा रिकवर होने के बाद यह साफ हो गया कि यह ऑनर किलिंग का मामला है। मां और भाई ने मिलकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।"
मामले की विस्तृत जांच जारी
पुलिस ने मां शीतल अग्रवाल और भाई प्रकाश अग्रवाल के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की भी तफ्तीश कर रही है कि क्या इस वारदात और साजिश को रचने में परिवार या बाहर का कोई अन्य सदस्य भी शामिल था।
