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गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब का तांडव, मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हुई; मध्य प्रदेश और दिल्ली तक जुड़े तार

Gujarat News: गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। पुलिस ने FIR में नामजद 21 आरोपियों में से 13 को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) को सौंप दी गई है।

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3 की हालत अब भी गंभीर (सांकेतिक चित्र)

Photo : iStock

Gujarat News: शराबबंदी वाले राज्य गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई त्रासदी में मौतों का आंकड़ा रविवार को बढ़कर 13 हो गया। अस्पताल में इलाज के दौरान दो और पीड़ितों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोगों का गंभीर स्थिति में अस्पताल में इलाज चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, भावनगर के सिविल अस्पताल में भर्ती मुकेश डामोर (36) और एक निजी अस्पताल में भर्ती भार्गव उपाध्याय (42) की मौत के साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 13 तक पहुंच गई है।

शराब में 38% से ज्यादा जहरीला मेथेनॉल

फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ितों द्वारा पी गई शराब में 38.59% अत्यंत जहरीला मेथेनॉल (Methanol) और केवल 0.94% इथेनॉल पाया गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कुल 67 लोगों ने इस जहरीली शराब का सेवन किया था। पुलिस द्वारा चलाए गए जांच अभियान के दौरान 24 अन्य लोगों को ट्रेस कर उनका मेडिकल टेस्ट कराया गया, जो फिलहाल सामान्य पाए गए हैं। नकली शराब को नामी IMFL (इंडियन मेड फॉरेन लिकर) ब्रांड की बोतलों में पैक और सील कर बूटलेगर्स को सप्लाई किया गया था।

13 आरोपी गिरफ्तार, बनाने वाले आरोपी की भी पीकर मौत

वरतेज पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के आधार पर पुलिस ने 21 नामजद आरोपियों में से 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को 10 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। साजिश का खुलासा भावनगर में बनी थी शराब आरोपी गौतम सोलंकी ने अपने घर (वरतेज) में उज्जैन (मध्य प्रदेश) निवासी रईस की मदद से यह जहरीली शराब तैयार की थी। आरोपियों ने अहमदाबाद से कच्चा माल (केमिकल) जुटाया था। इस गिरोह में मध्य प्रदेश के नरेंद्र यादव को भी शामिल किया गया था। पुलिस के मुताबिक, शराब बनाने में शामिल आरोपी नरेंद्र यादव की खुद भी इसी जहरीली शराब को पीने से मौत हो गई।

स्टेट मॉनिटरिंग सेल को सौंपी गई जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए गुजरात पुलिस की विशेष शाखा स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) को इस पूरे मामले की जांच सौंप दी गई है। पुलिस की विशेष टीमें मध्य प्रदेश और दिल्ली भेजी गई हैं, जहां से इस जानलेवा केमिकल और बोतलों को सील करने वाले उपकरणों की आपूर्ति की गई थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने महज पैसों के लालच में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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