व्हाट्सऐप पर दोस्ती पड़ी महंगी, जिसे लड़की समझा वो लड़का निकला, 1.92 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी
- Edited by: अमित कुमार मंडल
- Updated Jan 14, 2026, 12:53 PM IST
अधिकारियों ने बताया कि शलभ पांडे ने दो जून, 2025 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि भाविका शेट्टी नाम की एक महिला ने व्हाट्सऐप पर उससे दोस्ती की और अधिक पैसे मिलने का लालच देकर उसे धीरे-धीरे निवेश के लिए राजी किया।
WhatsApp पर दोस्ती पड़ी भारी
Lucknow News: लखनऊ में व्हाट्सऐप पर एक पुरुष से दोस्ती करके उससे 1.92 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि पुलिस ने आरोपी इमरान गाजी (34) को गिरफ्तार कर लिया है, जो यहां गुडम्बा पुलिस थाना अंतर्गत मिश्रीपुर डिपो क्षेत्र का निवासी है। अधिकारियों ने बताया कि शलभ पांडे ने दो जून, 2025 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि भाविका शेट्टी नाम की एक महिला ने व्हाट्सऐप पर उससे दोस्ती की और अधिक पैसे मिलने का लालच देकर उसे धीरे-धीरे निवेश के लिए राजी किया।
दोस्ती 1.92 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी में तब्दील
पुलिस ने बताया कि इन वादों पर भरोसा करके, पीड़ित ने 1.92 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिए। बाद में उसे अपने साथ धोखधड़ी होने का एहसास हुआ। उन्होंने बताया कि व्हाट्सऐप पर 'महिला' से हुई दोस्ती 1.92 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी में तब्दील हो गई साथ ही जांच में यह भी पता चला कि पीड़ित जिसे महिला समझ रहा था वह पुरुष था।
पुलिस ने इमरान गाजी को गिरफ्तार किया
यहां साइबर क्राइम पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के बाद, पुलिस टीम ने इमरान गाजी (34) को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने पुलिस को बताया कि एक्सिस बैंक में उसके खाते पर रोक लगने के बाद, उसने जाली आधार और पैन कार्ड बनवाए और अपने एक साथी शहजाद की मदद से कई बैंक खाते खोले ताकि धोखाधड़ी से ली जा रही राशि उनमें मंगवाई जा सके। पुलिस ने बताया कि उसके पास से जाली पहचान पत्र बरामद किए गए हैं, और गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।