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बंगाल राज्यपाल के भतीजे पर ओडिशी डांसर से रेप का आरोप, कोलकाता पुलिस ने दर्ज की 'जीरो एफआईआर'

West Bengal governor CV Ananda Bose: शिकायतकर्ता ने बताया कि राज्यपाल सीवी आनंद बोस के भतीजे के माध्यम से उसे बीते साल 2023 में 5 व 6 जनवरी की फ्लाइट के टिकट और दिल्ली के एक होटल में बुकिंग भी मिली थी। जब वह होटल में रुकी हुई थी, उसी समय राज्यपाल का भतीजा वहां आया और उसके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की।

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West Bengal governor CV Ananda Bose: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस के भतीजे पर रेप का आरोप लगा है। कथित तौर पर आनंद बोस के भतीजे ने दिल्ली के एक होटल में ओडिशी डांसर के साथ बलात्कार और मारपीट की। इस मामले में पश्चिम बंगाल की कोलकाता पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में ओडिशी डांसर की ओर से कहा गया है कि जनवरी 2023 में दिल्ली के एक होटल में उसके साथ रेप व मारपीट की गई थी।

जानकारी के मुताबिक, बीते साल अक्टूबर महीने में कोलकाता के हरे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई थी, अब यह मामला मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के आदेश पर दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में कोई भी टिप्पणी से इंकार कर दिया है। अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि मजिस्ट्रेट के आदेश पर इस मामले में जीरो एफआईआर दर्ज करके दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है, क्योंकि घटना दिल्ली में हुई थी।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने विदेश में अपनी डांस परफॉर्मेंस को लेकर राज्यपाल कार्यालय में संपर्क किया था, जिसके बाद राज्यपाल ने उसे मदद का आश्वासन दिया था और विदेश मंत्रालय से संपर्क साधने की सलाह दी थी। शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि राज्यपाल के भतीजे के माध्यम से उसे बीते साल 2023 में 5 व 6 जनवरी की फ्लाइट के टिकट मिले थे और दिल्ली के एक होटल में बुकिंग भी मिली थी। महिला ने बताया कि जब वह होटल में रुकी हुई थी, उसी समय राज्यपाल का भतीजा वहां आया और उसके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की।

राजभवन ने साधी चुप्पी

आनंद बोस के भतीजे पर रेप के आरोपों पर राजभवन ने चुप्पी साध ली है। न ही राज्यपाल और न ही उनके कार्यालय की ओर से इस मामले में कोई टिप्पणी की गई हैं। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला ने भी इस बात का खुलासा नहीं किया है कि उसने शिकायत दर्ज कराने के लिए 10 महीने का इंतजार क्यों किया।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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