पाकिस्तान क्रिकेट में कब कौन क्या बोल दे, किसी को पता नहीं होता। जो कभी भारतीय क्रिकेट के खिलाफ बोलते थे, वो भी बोर्ड में अंदरुनी कलह के चलते भारतीय क्रिकेट का पक्ष लेना शुरू कर देते हैं। पाकिस्तान क्रिकेट के मुख्य चयनकर्ता का पद छोड़ने के कुछ दिनों बाद अब मिसबाह-उल-हक ने भी ऐसा ही किया है। मिसबाह ने भारतीय क्रिकेट की तारीफ की और पाकिस्तान के बार-बार खिलाड़ियों को बदलने के तरीके की आलोचना की। हाल ही में सीरीज हारने के बाद पाकिस्तान ने सात खिलाड़ियों को इंग्लैंड से वापस घर भेज दिया था। सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट अगले हफ्ते शुरू होगा। पीटीआई के अनुसार, मिसबाह ने कहा, "भारत ने अपने सिस्टम को बेहतर बनाने और विकसित करने में समय लिया और 90 के दशक के बाद अपने सिस्टम में धीरे-धीरे निवेश किया। सिस्टम को ठीक करने का कोई शॉर्टकट नहीं है।"
मिसबाह ने कहा, "हमारे युवा खिलाड़ी बहुत ज्यादा सीमित ओवर क्रिकेट खेल रहे हैं और उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट का अनुभव कम मिल रहा है। चार-दिन का क्रिकेट काफी नहीं हो रहा है। इसका मतलब है कि उनके दबाव में बिखरने की संभावना ज्यादा है।"
स्थानीय कोचों के साथ भेदभाव का आरोप
मिसबाह ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान क्रिकेट में स्थानीय और विदेशी कोचों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जाता है। उन्होंने बताया कि स्थानीय कोच को ज्यादा कड़ी जांच-पड़ताल का सामना करना पड़ता है। सात खिलाड़ियों को वापस भेजने के अलावा, PCB ने हेड कोच सरफराज खान को भी हटा दिया और यह जिम्मेदारी माइक हेसन को सौंप दी।
उन्होंने कहा, “ये सच है कि पाकिस्तान क्रिकेट में लोकल और विदेशी कोचों के साथ अलग-अलग बर्ताव किया जाता है। विदेशी कोचों की तुलना में लोकल कोचों को ज्यादा जांच-पड़ताल और आलोचना का सामना करना पड़ता है। मुझे नहीं लगता कि विदेशी कोच रखने में कोई बुराई है, लेकिन मुझे जो बात परेशान करती है, वह यह है कि हम विदेशी कोचों के प्रति थोड़ा नरम रुख रखते हैं।”
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सीरीज के बीच में ही टीम में बड़े बदलाव किए, जिसके बाद मिसबाह-उल-हक ने पाकिस्तान के मुख्य चयनकर्ता का पद छोड़ दिया। दूसरे मैच के बाद मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, ओवैस जफर और खुर्रम शहजाद को वापस भेज दिया गया। बाबर आजम की गैर-मौजूदगी में आगा ने पहले टेस्ट में पाकिस्तान की कप्तानी की थी। चोट के कारण बाबर पहला मैच नहीं खेल पाए थे।
