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कुछ खिलाते नहीं हो क्या! कितना पतला है बच्चा.. प्रॉपर डाइट के बाद भी नहीं बढ़ रहा बच्चे का वजन, ये हो सकती है वजह

बच्चा ठीक से खाना खा रहा है, फिर भी उसका वजन उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ रहा? हर बार इसकी वजह कम खाना नहीं होती। जानें बच्चे का वजन न बढ़ने की क्या वजह हो सकती है।

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बच्चे का वजन क्यों नहीं बढ़ रहा

बच्चा कितना पतला है, कुछ खिलाते नहीं हो क्या? यह बात माता-पिता को अक्सर सुनने को मिलती है। लेकिन हर पतला बच्चा कमजोर या अस्वस्थ हो, ऐसा जरूरी नहीं है। बच्चों का शरीर एक जैसा नहीं होता। किसी का वजन तेजी से बढ़ता है, तो कोई नेचुरली दुबला-पतला रह सकता है। इसलिए केवल देखकर बच्चे की सेहत का अंदाजा लगाना सही नहीं है।

अगर बच्चा सामान्य रूप से खेलता है, एक्टिव रहता है और उसकी लंबाई व वजन उम्र के अनुसार लगातार बढ़ रहे हैं, तो केवल पतला दिखना चिंता की वजह नहीं हो सकता। परेशानी तब समझी जाती है जब बच्चे की बढ़त लंबे समय तक रुकती हुई लगे या वजन लगातार कम होता जाए।

बच्चे का वजन क्यों नहीं बढ़ रहा

कई बार माता-पिता बच्चे को पौष्टिक खाना देने की पूरी कोशिश करते हैं, फिर भी वजन उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ता। इसका एक कारण बच्चे की प्राकृतिक शारीरिक बनावट हो सकती है। परिवार में माता-पिता या भाई-बहन दुबले हैं तो बच्चे की कद-काठी भी वैसी हो सकती है।

वहीं कुछ बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी बहुत ज्यादा होती है। वे दिनभर खेलते-कूदते रहते हैं और उनकी एनर्जी की जरूरत भी अधिक हो सकती है। ऐसे में केवल खाने की मात्रा नहीं, बल्कि डाइट की क्वालिटी और पूरे दिन का खानपान देखना जरूरी होता है।

ये हो सकती है वजहें

  • पाचन की समस्या: कभी-कभी बच्चे का शरीर खाए गए भोजन से पोषक तत्व ठीक से नहीं ले पाता। पाचन संबंधी परेशानी भी वजन बढ़ने को प्रभावित कर सकती है।
  • बार-बार बीमार पड़ना: बार-बार संक्रमण या लंबे समय तक चलने वाली बीमारी से बच्चे की भूख कम हो सकती है और शरीर की ऊर्जा बीमारी से लड़ने में खर्च होती है।

    खाने में नखरे: अगर बच्चा बहुत कम तरह की चीजें खाता है, तो उसे पर्याप्त प्रोटीन, वसा, विटामिन और मिनरल्स नहीं मिल पाते, जिससे विकास प्रभावित हो सकता है।

      बच्चे का वजन न बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसलिएबिना सलाह के बच्चे को वजन बढ़ाने वाले पाउडर, सप्लीमेंट या कोई घरेलू नुस्खा देना सही नहीं है। जरूरत पड़ने पर बाल रोग विशेषज्ञ या न्यूट्रिशनिस्ट से परामर्श लें। जो बच्चे की उम्र, लंबाई, वजन और विकास की गति देखकर सही सलाह दे सकते हैं।

      डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी रिसर्च पर आधारित है और यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

      Avni Bagrola
      अवनी बागरोलाauthor

      अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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