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Gurugram Murder Case: ऑफिस कलीग ने कैशियर का घोंटा था गला, इतने रुपये के लिए कर दी हत्या

गुरुग्राम में कंपनी के कैशियर की हत्या में उसके सहकर्मी समेत दो लोग शामिल थे। उधारी की रकम नहीं चुका पाने के कारण अवनीश ने कथित तौर पर अपने दोस्त बॉबी के साथ मिलकर राकेश की हत्या की साजिश रची थी।

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(सांकेतिक फोटो)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में वित्तीय विवाद के कारण एक निजी कंपनी में कैशियर के रूप में कार्यरत 46 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कथित तौर पर उसके एक सहकर्मी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर की थी। अधिकारियों ने बताया कि कानपुर देहात के संदूपुर गांव के रहने वाले आरोपी अवनीश कुमार और कासगंज के नंगला बिहारा गांव के निवासी एवं टैक्सी चालक बॉबी कुमार को शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया गया।

30 हजार के लिए हत्या

उन्होंने बताया कि पुलिस ने बिनौला गांव में एक खाली भूखंड से 23 जनवरी को शव बरामद किया था, जिसके बाद गांव के सरपंच की शिकायत के आधार पर बिलासपुर पुलिस थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शुक्रवार को बताया कि पीड़ित की पहचान दिल्ली के पालम स्थित महावीर एन्क्लेव निवासी राकेश के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान पता चला कि गुरुग्राम के सेक्टर 53 स्थित एक निजी कंपनी में ‘राइडर’ के रूप में काम करने वाले अवनीश ने 2024 में दिवाली के दौरान कंपनी के कैशियर राकेश से 30,000 रुपये उधार लिए थे।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि रकम नहीं चुका पाने के कारण अवनीश ने कथित तौर पर अपने दोस्त बॉबी के साथ मिलकर राकेश की हत्या की साजिश रची। योजना के अनुसार आरोपियों ने पैसे लौटाने के बहाने राकेश को 22 जनवरी को शंकर चौक के पास बुलाया। वे राकेश को बॉबी की कार में पंचगांव चौक ले गए, जहां उन्होंने कपड़े से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को बिनौला गांव में फेंक दिया। फिलहाल, अपराध में इस्तेमाल की गई कार जब्त कर ली गई है और आगे की जांच जारी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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