क्राइम

हमारा गैंगरेप हुआ है...पुलिस को आया फोन और जब सामने आई असलियत, तो महिला ही पहुंच गई जेल

गाजियाबाद में एक महिला ने पुलिस के सामने दावा किया कि उसके साथ गैंगरेप हुआ है, उसने आरोपियों की पहचान भी की। इसके बाद जब पुलिस ने जांच किया तो पता चला कि आरोपी निर्दोष हैं।

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गाजियाबाद में फर्जी रेप केस का मामला आया सामने (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : PTI

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक फर्जी रेप का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के कविनगर थाना क्षेत्र पुलिस ने गैंगरेप मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने मामले की जांच की तो पूरा मामला फर्जी निकला। जिसके बाद महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कैसे खुली असलित

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने गैंगरेप की फर्जी सूचना देने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो आरोपियों की लोकेशन घटनास्थल के बजाय अन्य स्थानों पर मिली। पुलिस ने साक्ष्य के रूप में सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली है। साथ ही महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस को महिला ने किया गुमराह

डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि महिला आरोपियों पर पहले भी केस दर्ज करा चुकी है। महिला द्वारा बताई घटना में विरोधाभास मिलने पर उससे पूछताछ की गई। महिला ने कहा था कि 24 फरवरी को रात में 8 बजे से रात 9:30 बजे के करीब वह अपने घर से सोमवार बाजार की तरफ जा रही थी तभी रस्ते में एक कार उसके पास आकर रुकी और उसमें मौजूद लोगों ने उसे अंदर खींच लिया। कार में तीन लोग थे, जिनमें से दो को वह जानती है। उनमें से एक दीपक चौहान और दूसरा वैभव उर्फ रोबिन चौहान था। महिला का आरोप था कि तीनों ने कार लॉक कर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और बारी बारी से रेप किया। महिला के मुताबिक, इसके बाद आरोपी उसे फाटक के पास फेंककर फरार हो गए। करीब 30 मिनट बाद होश में आने पर उसने डायल-112 पर फोन किया और अस्पताल पहुंची।

आरोपी जांच में निकले निर्दोष

उन्होंने आगे बताया कि महिला की शिकायत पर कविनगर पुलिस ने दो नामजद समेत तीन लोगों के खिलाफ गैंगरेप, एसिड से जलाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होंने अपनी लोकेशन घटनास्थल के बजाय अन्य स्थानों पर बताई। घटना की सच्चाई जानने के लिए पुलिस ने आरोपियों की सीडीआर खंगाली। साथ ही घटनास्थल और आरोपियों द्वारा बताई गई लोकेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। सीडीआर में आरोपियों की लोकेशन घटनास्थल की नहीं मिली, इसके अलावा अन्य स्थान पर होने के साक्ष्य के रूप में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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