क्राइम

Digital Arrest: CBI अधिकारी बनकर 'डिजिटल अरेस्ट' करने वाले गिरोह का लखनऊ में भंडाफोड़

Lucknow Digital Arrest Case: डॉ. अशोक सोलंकी नाम के एक व्यक्ति ने 48 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज कराया था और इस मामले की जांच के दौरान इस गिरोह का भंडाफोड़ किया गया।

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प्रतीकात्मक फोटो

Lucknow Digital Arrest Case: उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल ने सीबीआई, नारकोटिक्स के अधिकारी बनकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर उसके तीन कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है।यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इन आरोपियों की पहचान श्याम, हर्षल और पुनीत शर्मा के रूप में हुई है और ये सभी दिल्ली के निवासी हैं। तीनों को लखनऊ से मंगलवार शाम को गिरफ्तार किया गया।

इसमें बताया गया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि गिरोह के एक सदस्य द्वारा टेलीग्राम के जरिए उन्हें अधिकारी बनकर लोगों के खातों का नंबर, पासवर्ड और एटीएम कार्ड की सूचना हासिल करने का प्रशिक्षण दिया गया।

माना जाता है कि इस गिरोह ने विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर नोएडा, जयपुर, दिल्ली और केरल में धोखाधड़ी से लाखों रुपये कमाए। एसटीएफ ने इनके पास से मोबाइल फोन, डेबिट व क्रेडिट कार्ड, प्रमुख डिजिटल साक्ष्य बरामद किए। डिजिटल अरेस्ट में ठग खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताते हैं और मानसिक रूप से दहशत का माहौल बनाकर अपने लक्ष्यों से पैसे ऐंठते हैं।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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