क्राइम

बिहार के मुजफ्फरपुर में नाबालिग से गैंगरेप, 6 दरिंदों ने वारदात को दिया अंजाम; पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

Muzaffarpur Crime: बिहार के मुजफ्फरपुर में छह दरिंदों ने सामूहिक बलात्कार की वारदात को अंजाम दिया। नाबालिग लड़की से गैंगरेप की घटना को अंजाम देने वाले 6 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है। अब तक 2 आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, अन्य की तलाश के लिए छापेमारी जारी है।

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विद्या सागर, ग्रामीण एसपी, मुजफ्फरपुर, बिहार।

Crime News: बिहार में अपराधी बेलगाम हैं, उन्हें कानून का खौफ नहीं है, शायद यही वजह है कि आए दिन सूबे के अलग-अलग जगहों से रेप और हत्या जैसी वारदातों से जुड़ी खबरें सामने आती रहती है। इसी बीच मुजफ्फरपुर में 6 आरोपियों ने एक नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। शौचालय जाने के दौरान 6 लड़कों ने नाबालिग का अपहरण कर लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

आरोपियों ने इस घटना का वीडियो बनाकर नाबालिग को दी धमकी

दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया। इन दरिंदों ने नाबालिग को ये धमकी दी कि यदि इस घटना की जानकारी किसी और को दिया, तो इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे।

नाबालिग लड़की से दुष्कर्म उसके गांव के लड़कों ने किया। घटना के बाद नाबालिग लड़की तबीयत अचानक खराब होने पर पीड़िता ने घटना की जानकारी अपनी दीदी और जीजा दी। जिसके बाद परिजनों ने गुरुवार की देर शाम को थाने में FIR दर्ज कराया है। पुलिस ने FIR दर्ज कर तुरंत कार्रवाई करते हुए 2 नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, बाकि आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। ये घटना मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना क्षेत्र के एक गांव की है। पीड़ित लड़की पिता मृत्यु नवंबर हो गई थी. उसके बाद एक भाई की भी मौत हो गई। दूसरा भाई असम में मजदूरी करता है।

पीड़िता ने सुनाई आपबीती, कैसे उसे बनाया गया शिकार?

पीड़ित नाबालिग लड़की ने बताया कि मेरी मां घर पर नहीं थी। मां हॉस्पिटल गई थी, हम रात को शौचालय करने के लिए घर के पीछे निकले तो हमको एक लड़का अपने साथ ले गया। सभी मेरे साथ गलत किए, डेढ़ घटना के बाद होश में आए तो किसी तरह घर पहुंचे। घर पीछे खेत में 6 लड़का मिलकर गलत काम किया। वीडियो भी बना लिया और बोला किसी को कुछ बताओगी तो जान से मार देंगे और वीडियो भी वायरल कर देंगे। कुछ दिन के बाद जब मेरी तबीयत खराब हुई तो मेरे दीदी और जीजा घर आए थे, तो उन दोनों को मैंने घटना के बारे जानकारी दी। घटना 1 मार्च के शाम की है, 6 तारीख को देर शाम को पीड़ित में थाने में लिखित शिकायत की है।

ग्रामीण एसपी विद्यासागर ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। 2 आरोपितों को पकड़ा गया है. फरार चल रहे बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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