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ईडी के जिस अधिकारी की जांच कर रही थी CBI, उनकी रेलवे ट्रैक के पास मिली लाश; आत्महत्या का संदेह

ईडी अधिकारी आलोक कुमार रंजन, भ्रष्टाचार के एक मामले में सीबीआई और ईडी दोनों की जांच का सामना कर रहे थे। कुछ दिनों पहले ईडी के एक सहायक निदेशक को घूस लेते हुए गिरफ्तार किया गया था, इसी केस में आलोक कुमार रंजन भी घिरे थे।

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ईडी के अधिकारी ने की आत्महत्या (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • प्रवर्तन अधिकारी आलोक कुमार रंजन ने आत्महत्या की
  • रेलवे ट्रैक पर मिला आलोक कुमार रंजन का शव
  • आलोक एक कथित भ्रष्टाचार मामले में ईडी और सीबीआई की जांच के दायरे में थे

ईडी के जिस अधिकारी के खिलाफ सीबीआई की जांच चल रही थी, उनकी लाश एक रेलवे ट्रैक के पास मिली है। कहा जा रहा है कि अधिकारी ने सुसाइड किया है, क्योंकि कुछ दिनों पहले उनपर घूस लेने का आरोप लगा था। हालांकि मौत के कारणों को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

किस केस में आया था आलोक कुमार रंजन का नाम

मिली जानकारी के अनुसार मृतक प्रवर्तन अधिकारी आलोक कुमार रंजन, प्रवर्तन निदेशालय में तैनात थे। आलोक एक कथित भ्रष्टाचार मामले में ईडी और सीबीआई की जांच के दायरे में थे। 7 अगस्त को ईडी के एक सहायक निदेशक को 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने दावा किया कि एक शिकायतकर्ता ने दावा किया कि ईडी में तैनात संदीप सिंह ने उसके बेटे को गिरफ्तार नहीं करने के लिए 50 लाख रुपये की मांग की थी। सीबीआई ने संदीप को 20 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए दिल्ली के लाजपत नगर से गिरफ्तार किया था। संदीप

मुंबई के एक ज्वैलर से पैसे ले रहा था। इसी ज्वैलर के यहां ईडी ने रेड की थी ,तब संदीप उस टीम का हिस्सा था। इसी केस में प्रवर्तन अधिकारी आलोक का नाम भी था। बाद में संदीप सिंह को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद में ईडी ने सीबीआई की एफआईआर पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।

आत्महत्या की आशंका

आलोक कुमार रंजन की मौत को लेकर ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आ पाई है। आलोक कुमार रंजन ने आत्महत्या की है या कोई साजिश है, इसकी भी पुष्टि होनी बाकी है। हालांकि सूत्रों की मानें तो यह आत्महत्या का ही मामला लग रहा है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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