क्राइम

कसाई बना भाई: बहन का कटा सिर लेकर घूमता रहा युवक, बोला- पूरी रात समझाया, न मानी तो काट डाला; गिरफ्तार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 22, 2023, 10:45 AM IST

Crime News: बीते 25 मई को आरोपी रियाज की बहन गांव के ही चांदबाबू के साथ फरार हो गई थी, जिसके बाद युवती के पिता ने चांदबाबू समेत पांच लोगों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया था। युवती का भाई बहन की इस हरकत से नाराज चल रहा था।

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Barabanki Crime News

Photo : BCCL

Crime News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से ऑनर किलिंग की दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां के फतेहपुर में एक युवक ने अपनी बहन का सिर धड़ से अलग करके उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद युवक उसका सिर लेकर थाने की तरफ जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

दिल दहला देने वाले इस सनसनीखेज मामले के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई है। जानकारी के मुताबिक, युवती आशिफा किसी युवक से प्यार करती थी, जिसके चलते उसकी अपने भाई रियाज के साथ बहस हुई थी। इसी दौरान युवक ने किसी धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी।

चांदबाबू के साथ फरार हो गई थी युवती

जानकारी के मुताबिक, बीते 25 मई को आरोपी रियाज की बहन गांव के ही चांदबाबू के साथ फरार हो गई थी, जिसके बाद युवती के पिता ने चांदबाबू समेत पांच लोगों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों को खोज निकाला और युवती को घर वालों के हवाले कर दिया। वहीं जांच बाबू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि युवती का भाई रियाज उसकी इस हरकत से नाराज चल रहा था।

शुक्रवार सुबह हुई हत्या

एसएचओ डीके सिंह ने बताया, चांद बाबू से प्रेम संबंध के चलते आशिफा का अपने भाई रियाज से झगड़ा हुआ था। उसका भाई बहन के चाल-चलन को लेकर नाराज था। पिता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, आरोपी युवक ने शुक्रवार सुबह अपनी बहन को घर के पास अहाते में कपड़े धोने के लिए भेजा था। वहीं पहुंचकर उसने आशिफा पर कई वार किए और सिर ही धड़ से अलग कर दिया। इसके बाद वह सिर लेकर थाने की तरफ जा रहा था, बीच में ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

बहन को पूरी रात समझाया

आरोपी युवक ने पुलिस को बताया कि सात जुलाई को चांद बाबू जेल से छूट गया था। मेरी बहन आशिफा उसके साथ रहने का तय कर चुकी थी, जिसके चलते उसकी अपनी बहन से बहस भी हुई थी। युवक ने बताया कि उसने अपनी बहन को पूरी रात समझाने की कोशिश की, लेकिन जब युवती ने बात मानने से इनकार कर दिया तो बहन की हत्या कर दी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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