Two Day State Mourning Jharkhand: झारखंड की राजनीति से एक बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली खबर सामने आई है। राज्य सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास, पर्यटन और खेलकूद जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे 56 वर्षीय कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार (सोनू) का रविवार तड़के दिल का दौरा पड़ने से अचानक निधन हो गया। उनके असामयिक निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना के बाद झारखंड सरकार ने सम्मान स्वरूप दो दिनों के राजकीय शोक का ऐलान किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात करीब ढाई बजे तबीयत बिगड़ने पर सुदिव्य कुमार को उनके गृह नगर गिरिडीह के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, तमाम डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद सुबह लगभग चार बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गिरिडीह से झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के लोकप्रिय विधायक रहे सुदिव्य कुमार को उनकी कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
विपक्ष के तमाम नेताओं ने भी जताया गहरा दुख
उनके निधन की खबर मिलते ही दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम नेताओं ने गहरा दुख जताया। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने इसे राज्य और झामुमो परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। वहीं, विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राज्य ने एक कुशल जनप्रतिनिधि और समर्पित व्यक्तित्व को खो दिया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने क्या बोले?
गठबंधन सरकार के सहयोगी मंत्रियों और नेताओं ने भी भावुक संदेश साझा किए। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री संजय प्रसाद यादव और दीपिका पांडेय सिंह ने इसे अपना व्यक्तिगत नुकसान बताते हुए कहा कि विश्वास कर पाना मुश्किल हो रहा है कि उनके 'बड़े भाई' जैसा साथी अब बीच में नहीं रहा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सुदिव्य कुमार अपने पीछे विकास कार्यों की जो छाप छोड़ गए हैं, वह झारखंड के सामाजिक और राजनीतिक जीवन में लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
