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Asad Encounter: बड़ा खुलासा! असद का मददगार दिल्ली का एक बड़ा आदमी, अबू सलेम के करीबियों ने दी पनाह-सूत्र

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  • Updated Apr 14, 2023, 09:07 AM IST

Asad Encounter : उमेश पाल हत्याकांड के बाद यूपी एटीएस 24 फरवरी से ही असद के पीछे लगी थी लेकिन वह हर बार उसे चकमा दे दे रहा था। सूत्रों का कहना है कि 49 दिनों तक असद और गुलाम पुलिस की रडार से बचते रहे। उन्हें बचाने में की लोग शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि यूपी एटीएस अब उन लोगों की जांच करेगी जिन्होंने असद को छिपाने में उसकी मदद की।

Asad Encounter : उमेश पाल और दो पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम को यूपी STF ने गुरुवार को झांसी के पास मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मुठभेड़ के बाद जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस हत्याकांड के बाद अतीक के सामने असद और गुलाम को छिपा कर रखने की एक बड़ी चुनौती थी और इसके लिए उसने अंडरवर्लड माफिया अबू सलेम के करीबी लोगों की मदद ली। यही नहीं दिल्ली में एक सफेदपोश ने असद और गुलाम की मदद की।

पाकिस्तान से हथियार मंगाता था अतीक

इस खुलासे के बाद यह पता चलता है कि अतीक का काला साम्राज्य केवल प्रयागराज और यूपी तक ही सिमटा नहीं था बल्कि उसका दायरा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) एवं अंडरवर्ल्ड से भी जुड़ा हुआ है। मामले की जांच कर रही यूपी एटीएस ने गुरुवार को बताया कि अतीक अपने लिए हथियार पाकिस्तान से मंगाता था। अतीक के लिए ये हथियार ड्रोन की मदद से पंजाब में गिराए जाते थे और फिर ये विदेशी ऑटोमेटिक एवं घातक हथियार अतीक के कुनबे तक पहुंचते थे। असद और गुलाम के पास से जो दो हथियार बरामद हुए वे भी विदेशी हैं।

49 दिनों तक पुलिस को छकाते रहे

उमेश पाल हत्याकांड के बाद यूपी एटीएस 24 फरवरी से ही असद के पीछे लगी थी लेकिन वह हर बार उसे चकमा दे दे रहा था। सूत्रों का कहना है कि 49 दिनों तक असद और गुलाम पुलिस की रडार से बचते रहे। उन्हें बचाने में कई लोग शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि यूपी एटीएस अब उन लोगों की जांच करेगी जिन्होंने असद को छिपाने में उसकी मदद की। अब तक की जांच में पता चला है कि हत्याकांड के बाद असद और गुलाम 36 घंटे तक प्रयागराज में छिपे रहे। इसके बाद 26 फरवरी को वे कानपुर पहुंचे। फिर दिल्ली, राजस्थान गए। वहां से फिर वापस लौटे। इन्हें भगाने और इन्हें शरण देने में जिन लोगों की भूमिका रही है, पुलिस अब इन पर शिकंजा कसेगी।

दिल्ली के एक सफेदपोश ने असद की मदद की

सूत्रों का कहना है कि असद और गुलाम दिल्ली के संगम विहार इलाके में कुछ दिनों तक ठहरे। सूत्र बताते हैं कि दिल्ली में एक बड़े आदमी ने दोनों को छिपाए रखने में मदद की। दिल्ली का यह सफेदपोश अब यूपी एटीएस के रडार पर है। हालांकि, यह सफेदपोश कौन है, यूपी एटीएस इस बारे में अभी साफ-साफ कुछ नहीं कर रही है।

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