क्राइम

Shraddha Murder Mystery: आफताब ने 15 दिन की साजिश के बाद किए श्रद्धा के 35 टुकड़े, कत्ल करने के लिए लाया था दिल्ली

  • Authored by: मोहित ओम
  • Updated Nov 30, 2022, 12:06 PM IST

आफताब की दूसरी लड़कियों से संबंध के चलते ही श्रद्धा ने 3 मई को आफताब से पूरी तरह अलग होने का फैसला कर लिया था और ये बात श्रद्धा ने आफताब को भी बता दी थी। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को कुछ ऐसे सबूत मिले है कि जिससे ये पता चलता है कि आफताब वापस मुंबई जाने की बजाए जानबूझकर श्रद्धा को दिल्ली लाया।

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श्रद्धा हत्याकांड में नया खुलासा

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

श्रद्धा का कत्ल करने के 180 दिन बाद पुलिस की गिरफ्त में आया तो आफताब ने पुलिस के सामने जो खुलासे किए उसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। आफताब ने पुलिस को बताया कि वो और श्रद्धा पिछले 3 साल से साथ रह रहे थे। और इन तीन सालों में दोनों का तीन बार ब्रेकअप हुआ, लेकिन थोड़े दिन अलग रहने के बाद आफताब हमेशा श्रद्धा को किसी ना किसी तरह मना लेता था। लेकिन इसी साल 2022 की शुरुआत में दोनों के रिश्ते खराब होने शुरू हो गए जिसके जिसके बाद फरवरी में श्रद्धा आफताब से पूरी तरह अलग होकर एक नई जिंदगी शुरू करना चाहती थी। लेकिन आफताब कभी नहीं चाहता था कि श्रद्धा उसको छोड़कर किसी ओर के पास चली जाए। लिहाजा आफताब ने उसको एक आखिरी मौका देने और दोनों के रिश्तों की एक नई शुरुआत करने की कोशिश में दोनों उत्तरांचल और हिमाचल के एक लंबे टूर पर घूमने निकले। लेकिन इस टूर के दौरान भी आफताब लगातार दूसरी लड़कियों से बात करता रहता था। जिसके बाद हिमाचल टूर के दौरान भी आफताब और श्रद्धा का झगड़ा हुआ था।

आफताब की दूसरी लड़कियों से संबंध के चलते ही श्रद्धा ने 3 मई को आफताब से पूरी तरह अलग होने का फैसला कर लिया था और ये बात श्रद्धा ने आफताब को भी बता दी थी। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को कुछ ऐसे सबूत मिले है कि जिससे ये पता चलता है कि आफ़ताब वापस मुंबई जाने की बजाए जानबूझकर श्रद्धा को दिल्ली लाया और ऐसी जगह घर लिया जहां पर वो बड़ी आसानी से श्रद्धा का कत्ल करके उसकी लाश को ठिकाने लगा सके। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को लगता है कि आफताब श्रद्धा की हत्या करने के मकसद से ही उसको दिल्ली लाया था 8 मई को दिल्ली आने के बाद वो दोनों एक दिन पहाड़गंज के एक होटल में रुके थे। जहां उसने देखा कि यहां श्रद्धा की हत्या करना मुमकिन नहीं है। लिहाजा वो सेदुल्लाजाब के इलाके के एक होस्टल में कुछ दिन रुके, फ्लैट की तलाश के वक्त आफताब ने देखा कि छत्तरपुर का ये इलाका बेहद घनी आबादी वाला इलाका है कुछ ही दूरी पर घने जंगल है।

लिहाजा आफताब ने इस इलाके में फ्लैट लेने का फैसला किया जिसके बाद दोनों 15 मई को छत्तरपुर एन्क्लेव के फ्लैट में शिफ्ट हो गए थे। इस दौरान आफताब और श्रद्धा के बीच के रिश्ते पूरी तरह खत्म हो चुके थे दोनों बस एक फ्लैट में अलग अलग रहने लगे थे। फ्लैट में शिफ्ट होने के बाद श्रद्धा ने आफताब को साफ बोल दिया था कि जब तक उसकी नोकरी नहीं लग जाती तब तक को उसके साथ इस फ्लैट में रह रही है। नौकरी लगते ही वो यहां से कहीं ओर चली जाएगी। इसी बात को लेकर दोनों में 18 मई को झगड़ा हुआ और नशे की हालत में आफताब ने श्रद्धा की गला घोंटकर हत्या कर दी। और लाश को बाथरूम में छुपा दिया।

हत्या गला घोंटकर की या धारदार हथियार से जिंदा श्रद्धा को काट दिया, इस बात का नहीं मिला अभी तक कोई सबूत

पुलिस की अभी तक कि जांच में ये साफ नहीं हो पाया है कि आफताब ने श्रद्धा की हत्या गला घोंटकर की या उसको धारधार हथियार से मारा गया। क्योंकि पुलिस के सूत्रों का कहना है कि उन्हें श्रद्धा की लाश नहीं मिली है जिसका पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही इस बात का खुलासा हो सकता था कि मौत की असल वजह क्या थी। हड्डियों और साईंटिफिक एविडेंस के जरिये हत्या की टाइमिंग और असली वजह पता लगाना नामुमकिन होता है। पुलिस को अबतक श्रद्धा की 13 हड़िया, उसके कपड़े, लाश को काटने वाले कई चाकू मिले है। आफताब के 2 मोबाइल फोन भी पुलिस को मिल चुके है।

डिलीवरी एप्प के जरिये हत्या का दिन और टाइमिंग का पता लगाएगी पुलिस

पुलिस ने पेटीएम, जोमेटो, ब्लिंकइट और बम्बल एप्प को नोटिस भेजकर आफताब और श्रद्धा के मोबाइल से होने वाले ऑर्डर की डिटेल्स देने को कहा है। इन डीटेल्स के जरिये पुलिस ये जानना चाहती है कि किस दिन तक आफताब दो लोगों का खाना और सामान मंगाता था, और किस दिन के बाद उसने एक आदमी का खाना ऑर्डर करना शुरू कर दिया।

मोहित ओम
मोहित ओमauthor

जनमानस की खबर को पाठकों तक पहुंचाना ही एकमात्र लक्ष्य। एक दशक से ज्यादा पत्रकारिता का अनुभव। अपराध के पीछे की साजिश को बेपर्दा करने वाली हर खबर पर पैनी निगाह रखता हूँ।

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