क्राइम

थप्‍पड़ का बदला! 9वीं क्लास के स्‍टूडेंट ने टीचर को मारी गोली, लंच बॉक्स में लेकर आया था तमंचा

उत्तराखंड के काशीपुर में 9वीं के स्‍टूडेंट ने अपने टीचर को गोली मार दी। बताया जा रहा है कि वो लंच बॉक्स में तमंचा लेकर आया था जिससे उसने गोली चलाई।

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प्रतीकात्मक फोटो (istock)

उत्तराखंड के काशीपुर में हैरान करने वाला मामला सामने आया है, यहां 9वीं के स्‍टूडेंट ने अपनी टीचर को गोली मार दी है, वो लंच बॉक्स में तमंचा लेकर आया था। जिसे गोली मारी है वो फिजिक्स का टीचर है। दाएं कंधे के नीचे गोली लगने से गंभीर घायल टीचर को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उत्तराखंड के काशीपुर में एक प्राइवेट स्कूल का यह मामला है। पुलिस के मुताबिक दो दिन पहले एक सवाल का जवाब नहीं देने पर टीचर ने स्‍टूडेंट को डांटा था और थप्‍पड़ भी मारा था। जिसे वो नाराज था और बदला लेने के लिए उसने यह कदम उठाया।

आरोपी स्टूडेंट लंच बॉक्स में रखकर लाया था तमंचा

घायल टीचर ने पुलिस में तहरीर दी उसके मुताबिक वो क्लास 9वीं क्लास फिजिक्स पढ़ा रहा था। बीच में लंच ब्रेक हो गया, तब बच्चे क्लास से बाहर लंच करने के लिए निकलने लगे। तभी आरोपी स्टूडेंट ने उनपर तमंचे से फायर कर दिया जिससे गोली उनके दाएं कंधे पर लगी। बताते हैं कि तमंचा वो अपने लंच बॉक्स में लेकर आया था।

तहरीर के आधार पर स्टूडेंट के खिलाफ केस दर्ज

जब स्टूडेंट भागने लगा तब अन्य टीचरों ने उसे पकड़ लिया, पुलिस ने तहरीर के आधार पर स्टूडेंट के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, पुलिस के मुताबिक आरोपी छात्र के पिता खेती करते हैं।

क्लास में अफरा तफरी मच गई

स्कूल में क्लास नौ के एक छात्र ने बताया कि जब उस स्टूडेंट ने टीचर पर गोली चलाई उसके बाद क्लास में अफरा तफरी मच गई। कुछ मेज के नीचे छिप गए तो कुछ क्लास से बाहर भागे। यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।

आखिर बच्चों के भीतर इतनी हिंसक प्रवृत्ति क्यों पनप रही है?

पब्लिक स्कूल एसोसिएशन ने आक्रोश जताते हुए जिले के सभी सीबीएसई बोर्ड मान्यता प्राप्त निजी पब्लिक स्कूलों को गुरुवार को बंद रखने का ऐलान किया है। लेकिन यह घटना केवल गोली चलने तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारे समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए गहरे सवाल खड़े करती है-आखिर बच्चों के भीतर इतनी हिंसक प्रवृत्ति क्यों पनप रही है? क्या माता-पिता बच्चों के गुस्से और तनाव को समझ नहीं पा रहे? क्या स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा?

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बच्चों की मानसिक स्थिति समय रहते नहीं समझी गई, तो आने वाले समय में ऐसे हादसे और भी भयावह रूप ले सकते हैं। यह वारदात केवल काशीपुर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था के लिए चेतावनी है। अब ज़रूरत है कि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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