क्राइम

राजस्थान में रेप के 41 प्रतिशत केस झूठे- DGP का दावा; तो MP है बलात्कार के मामलों में नंबर वन?

  • Reported by: Bhanwar PushpendraEdited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 16, 2023, 09:04 PM IST

​ 2021 के मुकाबले 2022 में 11 फीसदी से ज्यादा अपराध का ग्राफ प्रतिशत बढ़ने को डीजीपी उमेश मिश्रा ने तर्क-दोष बताया। उन्होंने कहा कि क्राइम बढ़ रहा है ये कैसे कह सकते हैं? रजिस्ट्रेशन बढ़ रहा है, ये कहना चाहिए। क्राइम का रजिस्ट्रेशन बढ़ा है, इसलिए ग्राफ 11 प्रतिशत से ऊपर आया है।

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राजस्थान में दुष्कर्म के 41 प्रतिशत केस झूठे

Photo : BCCL

राजस्थान के DGP उमेश मिश्रा ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में रेप के 41 प्रतिशत मामले झूठे निकले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिला अत्याचार के 47 फीसदी केस झूठे पाए गए हैं। इस हिसाब से रेप केस में नंबर वन राजस्थान नहीं MP है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि अगर क्राइम कुछ बढ़ता है तो इसमें अस्वाभाविक क्या है? साथ ही उन्होंने पुलिस के करप्शन पर भी प्रशासन का बचाव किया है।

पुलिसकर्मियों का बचाव

उन्होंने कहा एक गलत धारणा यह भी है कि राजस्थान दुष्कर्म के मामलों में भारत में पहले स्थान पर है। जबकि पहला स्थान मध्यप्रदेश का है। वहीं उन्होंने पुलिस के करप्शन पर भी सफाई देते हुए कहा कि कौन सा महकमा करप्शन से छूटा है? जो करप्शन में इन्वॉल्वड हैं, क्या वो समाज से नहीं आते हैं? अगर एक पुलिसकर्मी है, तो उसके पीछे उसके 10-20 परिजन भी हैं, वो समाज के ही अंग हैं। मीडिया ऐसे कह रही है कि जैसे हमारा समाज पवित्र हो गया है, तो पुलिस भी पवित्र क्यों नहीं है? अगर ये गारंटी दें कि समाज पूरी तरह करप्शन विहीन हो गया है, तो हम कह सकते हैं कि पुलिस भी करप्शन विहीन हो गई है। अगर समाज में बुराई होगी या समाज में करप्शन है, तो पुलिस भी समाज का अंग है।

नेताओं को लेकर भी दावा

DGP यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा-"कभी कोई राजनीतिज्ञ ये नहीं कहता है कि ये अपराधी है इसे छोड़ दो, इसे मत पकड़े। ऐसा कभी नहीं हुआ है। मैं तो अपनी बात कह सकता हूं। मैंने ऐसा अनुभव किया है तो बाकी पुलिस अधिकारी भी अनुभव कर रहे हैं। पुलिस अधिकारी या कर्मचारी में कोई कमी होगी, तो पत्रकार भी हावी हो जाएंगे और जनता भी हावी हो जाएगी। पॉलिटिशियन अपनी जगह है।

क्राइम पर तर्क

2021 के मुकाबले 2022 में 11 फीसदी से ज्यादा अपराध का ग्राफ प्रतिशत बढ़ने को डीजीपी उमेश मिश्रा ने तर्क-दोष बताया। उन्होंने कहा- "क्राइम बढ़ रहा है ये कैसे कह सकते हैं? रजिस्ट्रेशन बढ़ रहा है, ये कहना चाहिए। क्राइम का रजिस्ट्रेशन बढ़ा है, इसलिए ग्राफ 11 प्रतिशत से ऊपर आया है। जनसंख्या और आर्थिक गतिविधि बढ़ रही हैं, इसलिए अगर क्राइम कुछ बढ़ता है, तो इसमें अस्वाभाविक क्या है?

DGP ने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार दुष्कर्म केसों में राजस्थान का सजा प्रतिशत 47.9 है, जो कि राष्ट्रीय स्तर के सजा प्रतिशत 28.6 से काफी ज्यादा है। सजा प्रतिशत के अनुसार महिला अत्याचार के प्रकरणों में राजस्थान बड़े राज्यों में चौथे स्थान पर है।

Bhanwar Pushpendra
Bhanwar Pushpendraauthor

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