Gurugram Hit and Run Case: साइबर सिटी गुरुग्राम के पॉश इलाके गोल्फ कोर्स रोड पर हुए सनसनीखेज हिट एंड रन मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला और उसके साथी लवनिश को दो दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इस हाई-प्रोफाइल हादसे के बाद से ही शहर में आक्रोश का माहौल है और लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अदालत में सुनवाई के दौरान गुरुग्राम पुलिस ने आरोपियों की रिमांड मांगते हुए मजबूत तर्क रखे। पुलिस का कहना है कि वारदात की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए घटनास्थल का 'क्राइम सीन' रीक्रिएट करना बेहद जरूरी है। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाना चाहती है कि हादसे के वक्त लग्जरी कार में इन आरोपियों के साथ और कौन-कौन लोग सवार थे। पुलिस का मानना है कि आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ करने पर इस पूरी घटना से जुड़ी कई अहम कड़ियां आपस में जुड़ सकेंगी।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: दिल्ली में MCD का ताबड़तोड़ एक्शन, 13 दिनों में 213 अवैध निर्माणों को किया जमींदोज, 109 संपत्तियां सील
दूसरी ओर, बचाव पक्ष के वकील ने पुलिस की इस कार्रवाई और दर्ज की गई धाराओं पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। बचाव पक्ष का कहना है कि यह पूरा मामला मीडिया ट्रायल के दबाव में आकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। इसी दबाव के चलते पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) जैसी गंभीर धाराएं जोड़ दी हैं।
बचाव पक्ष के वकील ललित बिंदल ने तर्क दिया कि किसी भी मामले में हत्या के प्रयास की धारा तभी बनती है जब आरोपी की कोई पुरानी दुश्मनी या स्पष्ट मकसद हो। इस घटना में ऐसा कोई इरादा नहीं था। हादसे के समय राइडर ने भारी कपड़े और हेलमेट पहन रखा था, जिससे यह पहचानना भी नामुमकिन था कि बाइक चलाने वाला लड़का है या लड़की। ऐसे में किसी को जानबूझकर निशाना बनाने का सवाल ही नहीं उठता।
फिलहाल अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। अब देखना होगा कि पूछताछ में क्या नए खुलासे होते हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को तय की गई है।
