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Valsad Water Crisis : आसमानी आग में बूंद-बूंद के लिए जंग, सूख गए नल, हैंडपंप, पोखर-तालाब; कुओं में उतरकर लोग बुझा रहे प्यास

Valsad Water Crisis: गुजरात के वलसाड में भीषण गर्मी से लोग पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। लोग रस्सियों की मदद से 45 फीट से अधिक गहरे कुओं में उतरकर पानी निकाल कर प्यास बुझा रहे हैं।

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वलसाड में जल संकट

Valsad Water Crisis : देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी का कहर जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो सकता है, जबकि पहाड़ी जिलों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। उधर, पश्चिमी राज्यों में भी मौसम बेहद गर्म है। गुजरात भी भीषण लू (Heatwave) और गर्मी की तपिश में झुलस रहा है। वहीं भीषण गर्मी में वलसाड के लोग पानी की गंभीर कमी का सामना कर रहे हैं। वे रस्सियों की मदद से 45 फीट से अधिक गहरे कुओं में उतरकर पानी निकाल रहे हैं।

वलसाड जिले में भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को पीने का पानी जुटाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। लोग रस्सियों के सहारे 45 फीट से अधिक गहरे कुओं में उतरकर पानी निकालने को मजबूर हैं। इलाके में लगातार बढ़ते तापमान और बारिश की कमी के कारण जलस्तर तेजी से नीचे चला गया है। कई गांवों में नल और हैंडपंप सूख चुके हैं, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी भारी संघर्ष करना पड़ रहा है।

गुजरात में मौसम कैसा रहेगा

गुजरात मौसम विभाग ने लगातार ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। 21 मई से 26 मई तक तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। बुधवार 21 मई और गुरुवार 22 मई को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया जा सकता है।

अधिकांश जिलों अस्पतालों में भी डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़ने लगे हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यधिक जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखें।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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