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लखीमपुर खीरी में बनेगा खास पार्क, पर्यावरण के प्रदूषण को कम करने में मिलेगी मदद

यूपी सरकार लखीमपुर खीरी में 2 हजार करोड़ की लागत से बायो प्लास्टिक पार्क बनाने जा रही है। पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से इस पार्क को बनाया जा रहा है। आइए जानते हैं कि बायोप्लास्टिक आखिर क्या होती है।

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बायोप्लास्टिक पार्क से कम होगा प्रदूषण (सांकेतिक फोटो)

KEY HIGHLIGHTS
  • लखीमपुर खीरी के कुंभी गांव में बनेगा पार्क
  • बायोप्लास्टिक पार्क की अनुमानित लागत 2000 करोड़
  • सीएम योगी ने प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए

Bio Plastic Park: उत्तर प्रदेश सरकार लखीमपुर खीरी में बायो प्लास्टिक पार्क बनाने जा रही है। योगी सरकार बायो प्लास्टिक के निर्माण के जरिए पर्यावरण के प्रदूषण को कम करने की कोशिशों में जुटी है। इसी क्रम में यह खास पार्क बनाया जा रहा है। बायो प्लास्टिक पार्क को बनाने का उद्देयश्य पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करना है। यूपी सरकार इस प्रोजेक्ट को 2 हजार करोड़ की लागत से बनाने जा रही है। इस पार्क को बलरामपुर चीनी मिल फर्म द्वारा बनाया जाएगा। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जल्द इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

बड़े पैमाने पर पैदा होगा रोजगार

बायो प्लास्टिक पार्क को लखीमपुर खीरी में गोला गोकर्णनाथ तहसील के कुंभी गांव में स्थापित किया जाएगा। यह पार्क 1000 हेक्टेयर में बनाकर तैयार किया जाएगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को बायो प्लास्टिक पार्क के विकास के लिए नोडल बनाया गया है। इस पार्क के विकास से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होगा। इसके साथ ही क्षेत्र में कई अन्य सहायक उद्योगों की भी स्थापना हो सकेगी।

पार्क में की जाएगी साइंटिफिक रीसर्च

इस पार्क में प्लास्टिक से जुड़ी कई तरह की तकनीकों का विकास और अध्ययन किया जा सकेगा। पार्क में वैज्ञानिक अनुसंधान भी किए जाएंगे। जिसकी मदद से प्लास्टिक का प्रभावी उपयोग होगा। साथ ही नए तकनीकी उत्पाद भी विकसित किए जा सकेंगे। इसके अलावा प्लास्टिक से पैदा होने वाली पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान निकालने में भी मदद मिलेगी।

क्या है बायोप्लास्टिक

बायोप्लास्टिक एक तरह की प्लास्टिक होती है जिसे बायोमास जैसे मक्का, सूरजमुखी या शक्कर के कणों से बनाया जाता है। इसे प्राकृतिक प्लास्टिक भी कहते हैं। बायोप्लास्टिक का इस्तेमाल रेडीमेड कपड़े, पैकेजिंग, इलेक्ट्रानिक्स और अन्य औद्योगिक प्रोडक्ट्स में किया जा सकता है। इस प्लास्टिक से पर्यावरण में प्रदूषण का प्रभाव कम होता है। इसकी वजह ये है कि बायोप्लास्टिक तेजी से विघटित हो जाती है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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