मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ईवीएम से जुड़े सवालों पर कहा कि भारतीय ईवीएम सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा निर्मित की जाती हैं और वे इंटरनेट, ब्लूटूथ या वाई-फाई से जुड़ी नहीं होती हैं।
ज्ञानेश कुमार ने विद्यार्थियों से कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसके स्रोत और सत्यता की जांच करना जरूरी है। उन्होंने युवाओं को भ्रामक सूचनाओं और फेक न्यूज से सावधान रहने की सलाह दी।
18 साल की उम्र पूरी होते ही कराएं वोटर रजिस्ट्रेशन
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए युवाओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले विद्यार्थियों से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने को कहा। संवाद के दौरान ज्ञानेश कुमार ने 1979 के अपने छात्र जीवन, शिक्षकों और विद्यालय से जुड़ी यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि उनके आज के मुकाम तक पहुंचने में विद्यालय और गुरुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
युवा जागरूक होंगे तो मजबूत होगा लोकतंत्र
उन्होंने कहा कि भारत में करीब 100 करोड़ मतदाता हैं और इतनी बड़ी आबादी के लिए चुनाव कराना एक विशाल कार्य है। उन्होंने युवाओं से जागरूक होकर मतदान वहीं, वो आगामी यूपी चुनाव से पहले वो उत्तर प्रदेश पहुंचे। उनके साथ निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधिमंडल भी लखनऊ पहुंचा। इस दौरान ज्ञानेश कुमार 20 जिलों के अधिकारियों के साथ ही स्कूली छात्रों, प्रिसिंपल से संवाद करेंगे।
उत्तर प्रदेश में पिछला विधानसभा चुनाव 2022 में फरवरी से मार्च के बीच सात चरणों में आयोजित हुआ था। राज्य में मार्च में नई सरकार का गठन होता रहा है। इस बार फरवरी में जनगणना होनी है। जनगणना और चुनाव दोनों ही प्रक्रियाओं में टीचरों और सरकारी कर्मचारियों की मदद ली जाती है। मंगलवार को वो आईजीपी में बीएलओ के साथ संवाद करेंगे। इसमें बीएओ हिस्सा लेंगे।
