Surat: सूरत के सलाबतपुरा इलाके से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों के भरोसे को तार-तार कर दिया है। जिस पति ने दो दिन पहले गोडादरा पुलिस थाने में अपनी पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वही अब अपनी पत्नी की हत्या का मुख्य संदिग्ध बन गया है। एक पढ़ा-लिखा परिवार, दो मासूम बच्चे और एक सफल करियर, बाहर से सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन चारदीवारी के भीतर पल रहे तनाव ने एक भयावह अंत की पटकथा लिख दी।
रिश्तों का कत्ल
सूरत के SMIMER मेडिकल कॉलेज में डाइटिशियन के पद पर तैनात 39 वर्षीय शिल्पा साल्वी की जिंदगी का सफर उनके ही हमसफर ने बेरहमी से खत्म कर दिया। शिल्पा, जिन्होंने फूड एंड न्यूट्रिशन में MSc किया था, समाज में एक प्रतिष्ठित पहचान रखती थीं। लेकिन उनके पति विशाल साल्वी, जो पिछले कुछ समय से बेरोजगार थे, के साथ उनके रिश्तों में कड़वाहट इस कदर बढ़ी कि बात हत्या तक पहुंच गई।
शव पर सीमेंट और 'मिसिंग' की झूठी कहानी
पुलिस के अनुसार, विशाल ने 20 अप्रैल को शिल्पा की हत्या की और फिर उसे किसी फिल्मी कहानी की तरह लाश को ठिकाने लगाने की कोशिश की। उसने शव को एक लकड़ी के संदूक में बंद किया और बदबू न आए, इसलिए उस पर सीमेंट की परत चढ़ा दी। इतना ही नहीं, खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए उसने पुलिस में पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई और रिश्तेदारों से झूठ बोला कि वह शिल्पा को अस्पताल छोड़कर आया था।
मासूम बेटे ने अनजाने में खोला राज
इस खौफनाक राज से पर्दा तब उठा जब विशाल के बेटे ने अनजाने में एक रिश्तेदार को व्हाट्सएप पर एक 'सुसाइड नोट' जैसी चिट्ठी भेजी। यह चिट्ठी विशाल ने लिखी थी, जिसमें उसने कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल करते हुए लिखा था कि घरेलू झगड़ों ने उसे इस कदम के लिए मजबूर कर दिया। चिट्ठी मिलने के बाद जब पुलिस सलाबतपुरा इलाके में उनके पुराने घर पहुंची, तो पहली मंजिल पर उसी सीमेंट से भरे बॉक्स में शिल्पा का सड़ा-गला शव बरामद हुआ।
बेरोजगारी और घरेलू कलह बनी वजह
शिल्पा के पिता प्रदीप कोस्टा, जो छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, अक्सर सूरत आकर दोनों के बीच सुलह कराते थे। जांच में सामने आया है कि विशाल की बेरोजगारी घर में विवाद का मुख्य कारण थी। 21 अप्रैल को जब शिल्पा का फोन बंद मिला और विशाल के जवाब संदिग्ध लगे, तब परिवार को शक हुआ और मामला पुलिस तक पहुंचा। फिलहाल विशाल पुलिस की गिरफ्त में है और कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन पीछे रह गए हैं दो मासूम बच्चे।
