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काशी विश्वनाथ मंदिर को मिला नया मुखिया, सत्यम मिश्रा बनाए गए CEO; जानिए कैसा रहा करियर

काशी विश्वनाथ मंदिर में सीईओ पद की जिम्मेदारी पीसीएस अधिकारी सत्यम मिश्रा संभालेंगे। कुछ दिन पहले शासन ने मंदिर के तत्कालीन CEO विश्वभूषण मिश्रा को पद से हटाकर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भेज दिया था।

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सत्यम मिश्रा बनाए गए काशी विश्वनाथ मंदिर के नए CEO

वाराणसी : राम मंदिर को नया सीईओ मिलने के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर को भी नया मुखिया मिल गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासन में बदलाव करते हुए पीसीएस अधिकारी सत्यम मिश्रा को काशी विश्वनाथ मंदिर का नया मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। प्रयागराज में अपर जिलाधिकारी (नगर) के पद पर तैनात सत्यम मिश्रा अब मंदिर की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह विश्वभूषण मिश्रा का स्थान लेंगे।

कुछ दिन पहले शासन ने मंदिर के तत्कालीन CEO विश्वभूषण मिश्रा को पद से हटाकर उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भेज दिया था। इसके बाद अब सत्यम मिश्रा की नई तैनाती की गई है।

हरदोई के रहने वाले हैं सत्यम मिश्रा

हरदोई निवासी सत्यम मिश्रा 2015 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के जरिए चयनित होने के बाद उन्होंने 15 मार्च 2016 को प्रशासनिक सेवा में कदम रखा था।

उनकी शुरुआती तैनाती बरेली में डिप्टी कलेक्टर के तौर पर हुई। इसके बाद उन्होंने गाजीपुर के सैदपुर, महराजगंज और चित्रकूट में डिप्टी कलेक्टर के रूप में काम किया। बाद में रामपुर में सिटी मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी भी संभाली।

2023 में उन्हें मुरादाबाद में वित्त एवं राजस्व अपर जिलाधिकारी बनाया गया। इसके बाद 6 जनवरी 2025 से वह प्रयागराज के अपर जिलाधिकारी (नगर) के पद पर कार्यरत थे। अब वाराणसी में उन्हें श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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