Expressway News: चंडीगढ़ देश के सबसे खूबसूरत और पर आजाद भारत में पहली प्लान्ड सिटी है। चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश है और साथ ही हरियाणा व पंजाब की राजधानी भी है। यह शहर पंजाब ही नहीं, हिमाचल का भी गेटवे है। लेकिन चंडीगढ़, जिरकपुर व आसपास के इलाकों में भीषण जाम से लोग काफी परेशान रहते हैं। ऐसे में कोई ऐसा एक्सप्रेसवे बने, जो आपको चंडीगढ़ के दरवाजे तक पहुंचा दे तो मजा ही आ जाए। अगर आपकी यही मुराद है तो आपकी मन की इच्छा जल्द ही पूरा होने वाली है। क्योंकि चंडीगढ़ के दरवाजे तक पहुंचाने वाला सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे (Sirhind Mohali Expressway) इसी साल आम जनता के लिए खुल सकता है और जल्द ही आप इस पर फर्राटा मार सकते हैं। चलिए जानते हैं इस एक्सप्रेसवे की लेटेस्ट प्रोग्रेस क्या है?
मोहाली ही क्यों, चंडीगढ़ क्यों नहीं?
यह तो आप जानते ही हैं कि पंजाब ने मोहाली को चंडीगढ़ के विकल्प के तौर पर बसाया है। भविष्य में अगर हरियाणा और पंजाब में राजधानी को लेकर बंटवारा होता है और पंजाब के हिस्से चंडीगढ़ नहीं आता है तो ऐसी स्थिति में राजधानी मोहाली को बनाया जा सकता है, ऐसी आम धारणा है।
सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे कितना लंबा
पंजाब में सरहिंद से मोहाली तक 27 किमी लंबा ग्रीनफील्ड रोड प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जो अपने निर्माण के अंतिम चरण में है।
कितना बन चुका है सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे?
सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे का ज्यादातर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अधिकांश हिस्से बनकर तैयार हैं। 27.37 किलोमीटर के इस एक्सप्रेसवे के ज्यादातर हिस्से में रोड लेइंग का काम भी किया जा चुका है। हालांकि, अभी अंतिम लेयर का काम पूरा नहीं हुआ है और रोड मार्किंग भी नहीं की गई है। कुछ जगहों पर इंटरचेंज बन रहे हैं, जिन पर अभी काम बाकी है। टोल प्लाजा बनाने का काम भी अभी पूरा नहीं हुआ है। लेकिन एक बात तय है कि इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से सरहिंद और मोहाली के बीच की यात्रा में काफी समय बचेगा।

सरहिंद मौहाली एक्सप्रेसवे की खास बातें
कब पूरा होगा सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट?
बता दें कि इस एक्सप्रेसवे को VCL कंपनी बना रही है। एक्सप्रेसवे की शुरुआत NH44 से होती है और यह अंबाला-कुराली हाईवे को भी कनेक्ट करती है। इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य 8 मई 2023 को शुरू हुआ था, जिसे 7 मई 2025 को पूरा होना था। लेकिन यह प्रोजेक्ट अपनी पहली डेडलाइन को मिस कर चुका है। अब इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अगली डेडलाइन 30 जून 2026 की है। जिस तरह की प्रोग्रेस दिख रही है, उसे देखने हुए लगता नहीं है कि 30 जून तक इसका काम पूरा हो जाएगा। हालांकि, प्रोग्रेस से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसी साल मानसून के बाद इसका निर्माण कार्य पूरा हो सकता है और अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले उद्घाटन भी कर दिया जाएगा।
ये काम हो चुके हैं
सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे पर NH44 के साथ बन रहे इंटरचेंज पर डेक स्लैब का काम खत्म हो चुका है। कुछ ही दूरी पर रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) के लिए मुख्य स्पैन पर अभी शटरिंग का काम ही किया जा रहा है। टोल प्लाजा वाले क्षेत्रों में रिजिड पेवमेंट का काम पूरा हो चुका है। वहां पर प्रशासनिक भवनों और टोल प्लाजा की तैयार किए जा रहे हैं। एक्सप्रेसवे पर अंबाला-कुराली हाईवे के साथ क्लोवरलीफ इंटरचेंज का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।
सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे से क्या फायदा होगा?
सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे क्षेत्र को कनेक्टिविटी देगा। स्थानीय लोगों के लिए सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे के साथ कई हिस्सों में सर्विस रोड भी बनाई गई है, जिससे आसपास के कस्बों और ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी बनी रहेगी।
यहां से ये एक्सप्रेसवे कहीं नहीं जाता

सरहिंद की तरफ यहां खत्म होता है एक्सप्रेसवे, भविष्य में दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे से यहीं से जुड़ेगा
सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे से न सिर्फ मोहाली और चंडीगढ़ को एक बड़ा बूस्ट मिलेगा, बल्कि भविष्य में यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा। जिससे इसकी उपयोगिता और भी बढ़ जाएगा। लेकिन सरहिंद की तरफ से एक्सप्रेसवे का सिरा अचानक ही खत्म हो जाता है, अभी यहां से आगे की तरफ यह एक्सप्रेसवे कहीं नहीं जाता है, लेकिन भविष्य में इसे दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट किया जाएगा। इससे दिल्ली और चंडीगढ़ को एक और कनेक्टिविटी मिल जाएगी।
तस्वीरें और जानकारी इंफ्रा व्लॉगर मोहित कुमार के x.com/DetoxTravellerr से साभार ली गई हैं।
FAQs
सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे कितना लंबा है?
सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे कुल 27.37 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे पंजाब में बेहतर और तेज कनेक्टिविटी के लिए बनाया जा रहा है।
