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Delhi Dehradun Expressway ने दूरी ढाई घंटे में तय की तो अब रेलवे की दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे में पहुंचाने की तैयारी

दिल्ली और देहरादून के बीच का सफर मात्र ढाई घंटे का रह गया है। अब रेलवे भी दिल्ली से नवाबों की नगरी लखनऊ तक मात्र 2 घंटे में पहुंचाने की तैयारी में है। चलिए जानते हैं -

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दिल्ली से लखनऊ सिर्फ दो घंटे में पहुंचाएगी भारतीय रेलवे

हम नहीं जानते कि आपने अभी तक दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर किया है या नहीं। हमने इस एक्सप्रेसवे पर अपनी कार के साथ फर्राटा मारा है और दावे के साथ कह सकते हैं कि सिर्फ ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून पहुंचा जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 14 अप्रैल 2026 को ही दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। इस एक्सप्रेसवे ने दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी जो पहले 5-6 घंटे में तय होती थी, उसे मात्र ढाई घंटे में पूरा किया जा सकता है। सड़कों के मुकाबले ट्रेन का सफर ज्यादा आरामदायक और तेज होता है और अब भारतीय रेलवे ने भी दिल्ली से लखनऊ की दूरी तो मात्र 2 घंटे में तय करने की योजना बनाई है। चलिए जानते हैं क्या है यह योजना और कैसे दिल्ली-लखनऊ की दूरी मात्र 2 घंटे में तय होगी?

देश में एक से बढ़कर एक एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स ने दूरियों को नजदीकियों में समेटा है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का हमने आपको ऊपर बताया। इसी तरह गंगा एक्सप्रेसवे ने भी मेरठ और प्रयागराज के बीच की दूरी को 12-13 घंटे से कम करके 6 घंटे की कर दी है। अब बारी रेलवे की है। रेलवे की योजना आपको मुंबई से पुणे सिर्फ 48 मिनट में पहुंचाने की तैयारी कर ली है। यही नहीं बेंगलुरू से चेन्नई 73 मिनट और दिल्ली से लखनऊ मात्र 2 घंटे में पहुंचाने की तैयारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने हाल ही में 1.52 लाख करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का सीधा असर आपके ट्रेन ट्रैवेल टाइम, बिजनेस क्रेडिट, सेमिकंडक्टर मैनुफैक्चरिंग और किसानों की आमदनी पर पड़ेगा। इस राशि का बड़ा हिस्सा रेलवे एक्सपेंशन पर खर्च होगा। इससे भारत के कुछ बहुत ही व्यस्त रूट पर ट्रैवेल टाइम में बड़ी कटौती होगी। मुंबई-पुणे, बेंगलुरू-चेन्नई और दिल्ली-लखनऊ, इन व्यस्त रूटों पर यात्रियों का काफी समय बचेगा।

इस बजट का एक बड़ा हिस्सा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया जाएगा। जिसमें नगड़ा-मथुरा तीसरी और चौथी लाइन पर 16 हजार 403 करोड़ रुपये, गुंटकल-वाड़ी तीसरी व चौथी लाइन पर 4 हजार, 758 करोड़ रुपये और बुर्हवाल-सीतापुर तीसरी-चौथी लाइन पर 2 हजार, 276 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन सब परियोजनाओं का मकसद ट्रेनों की आवाजाही में होने वाली देरी को कम करना और व्यस्त रूटों पर ट्रेनों को तेजी से ऑपरेट करना है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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