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इस वीकेंड Delhi Dehradun Expressway पर जा रहे हैं तो मेरे अनुभव से सीखें, ये तैयारियां करके ही जाएं

इस वीकेंड Delhi Dehradun Expressway के सफर का लुत्फ लेने जा रहे हैं तो मेरे अनुभव का लाभ उठाएं और इन चीजों को अपने साथ लेकर जरूर जाएं, वरना पछताना पड़ सकता है।

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इस वीकेंड लें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के सफर का लुत्फ

Delhi Dehradun Expressway को आम जनता के लिए खोला जा चुका है। जब से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे खुला है, तब से दिल्ली-एनसीआर के लोगों का वीकेंड गैट अवे या वीकेंड हैंगआउट इसी एक्सप्रेसवे या देहरादून, मसूरी जैसे शहरों में हो रहा है। एक बार फिर वीकेंड आ गया है और अगर आपका भी इस वीकेंड दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर ड्राइव करने का प्रोग्राम है तो, एक्सप्रेसवे के मेरे अनुभव को जान लें। मैं पिछले ही हफ्ते इस एक्सप्रेसवे पर गया था और जो चीजें मैंने देखीं या जो समस्याएं मुझे यहां नजर आईं, उन्हें जानकर आपको आज ही उनसे पार पाने के उपाय भी समझ आ जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। खासतौर पर दिल्ली-NCR के लोगों को दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार था। यहां के लोगों को इतना बेसब्री से इंतजार क्यों था? अगर आप समझना चाहते हैं तो कभी वीकेंड के अवसर पर इस एक्सप्रेसवे पर चले जाएं। अगर देहरादून तक नहीं जाना चाहते तो दिल्ली में ही एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करके वापस आ सकते हैं, क्योंकि दिल्ली की सीमा के अंदर किसी तरह का टोल टैक्स नहीं वसूला जाता है। जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया था कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे से दोनों शहरों की दूरी मात्र ढाई घंटे में पूरी हो जाएगी। मैंने स्वयं पिछले वीकेंड यानी 1 मई को इस एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल किया और सच में दिल्ली से देहरादून पहुंचने में ढाई घंटे का ही समय लगा। लेकिन मेरा अनुभव सिर्फ ढाई घंटे में देहरादून पहुंचने का ही नहीं, कुछ और भी है... चलिए बताता हूं।

Delhi Dehradun Expressway Experience story.

दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर सुविधाओं की भारी कमी, पूरी तैयारी से निकलें

पूर्वी दिल्ली में अक्षरधाम के पास से शुरू होकर देहरादून में आशारोड़ी चौक तक जाने वाले इस एक्सप्रेसवे पर सफर करते हुए आप इस रोड और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तारीफ करते हुए ढाई घंटे निकाल सकते हैं। सड़क पर सफर करने का अनुभव बहुत ही शानदार रहा। सहारनपुर के पास जब एक्सप्रेसवे पुराने अलाइमेंट (पुरानी सड़क) से जुड़ता है तो सड़क कुछ बंपी जरूर लग सकती है। लेकिन आपके पास एसयूवी हो तो ज्यादा झटके महसूस नहीं होंगे। एक्सप्रेसवे होने के कारण आपको कहीं भी किसी दूसरी तरफ से गाड़ी आने की चिंता नहीं होती। हालांकि, पेट्रोलिंग की कमी हमें साफ दिखी, क्योंकि कई जगह पर लोग रॉन्ग साइड में फर्राटा भरते हुए दिखाई दिए। रॉन्ग साइड आने वाली यह गाड़ियां 100 की स्पीड से चल रहे वाहनों के लिए गंभीर खतरा हो सकते हैं। इसलिए आप भी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर रहे हैं तो स्पीड के साथ ही रॉन्ग साइड से आने वाली गाड़ियों पर भी नजर रखें। हालांकि, उम्मीद है कि NHAI जल्द ही ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करेगा।

चाय मिल जाती तो सफर का मजा ही आ जाता

छुट्टी का दिन, पूरे दो दिन का समय... जब आप छुट्टी पर निकलते हैं तो अक्सर मंजिल तक पहुंचने की जल्दबाजी नहीं होती। आप सफर का मजा लेते हुए जाते हैं। तो क्या हुआ अगर कारों के लिए एक्सप्रेसवे की स्पीड 100 किमी प्रति घंटा रखी गई है तो। बीच-बीच में रुककर चाय-नाश्ता तो कर ही सकते हैं। साथ ही वहां रुककर मौसम का लुत्फ लेना भी बनता है। हम भी छुट्टी के साथ ही रोड ट्रिप का मजा लेने के लिए निकले थे। अक्षरधाम से एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के आधे घंटे बाद ही हमें चाय की तलब लगी। कुछ ही देर में एक बोर्ड दिखा, जिस पर लिखा था 2 किमी की दूरी पर वे-साइड अमेनिटीज (जन-सुविधाएं) हैं। कुछ ही क्षणों में हम वहां तक भी पहुंच गए, लेकिन वहां सिर्फ धूल उड़ रही थी। वहां न तो चाय-नाश्ते की व्यवस्था थी और न ही टॉयलेट बने थे।

मायूस होकर हम फिर से गाड़ी में बैठे और एक्सलरेटर पर पांव रख दिया। कुछ दूर चलने पर एक और वे-साइड अमेनिटीज का बोर्ड दिखा। यहां भी निर्माण कार्य अभी शुरू ही हुआ है। एक टपरी दिखी, जिस पर कुछ चिप्स आदि बिकते हुए मिले, लेकिन चाय यहां भी नहीं थी। यहां चाय कहीं और से बनकर आने वाली थी, जिसके लिए हमें 10 मिनट इंतजार करने को कहा गया। गनीमत रही कि यहां पर सार्वजनिक शौचालय बने हुए थे। खासतौर पर अगर आपके साथ बच्चे भी सफर कर रहे हों तो उनके लिए पहले से ही खाने-पीने की चीजों का इंतजाम करके ही निकलें। दिल्ली से देहरादून के बीच ऐसी कई सुविधाएं बन रही हैं, जो आने वाले समय में आपकी रफ्तार पर थोड़ा ब्रेक लगाकर देहरादून पहुंचने के आपके समय को बढ़ाएंगी। लेकिन अभी आप इन सुविधाओं के आभाव में ढाई घंटे से भी कम समय में दिल्ली से देहरादून पहुंच सकते हैं।

Delhi Dehradun Expressway Tunnel

दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर डाट काली मंदिर के पास बनाई गई है टनल

मैक्सिमम स्पीड बढ़ाने पर विचार करें

जैसा कि हमने पहले ही बताया, पूरा एक्सप्रेसवे बहुत अच्छा बना है। इसलिए एक्सलरेटर पर पांव रखते ही कब स्पीड 100 तक पहुंच जाती है, पता ही नहीं चलता। कई बार तो आपको ब्रेक लगाकर स्पीड को 100 की स्पीड लिमिट के अंदर रखना पड़ता है। इसलिए एक्सप्रेसवे पर सफर करने के अपने अनुभव के आधार पर कह सकते हैं कि एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमित 120 किमी प्रति घंटा तक बढ़ा देनी चाहिए। अगर ऐसा हो जाए तो दिल्ली और देहरादून और करीब आ जाएंगे।

सीएनजी-पेट्रोल टैंक फुल कराकर ही निकलें

अगर आप दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर जा रहे हैं तो गाड़ी में फ्यूल टैंक फुल करवाकर ही निकलें। हमारे सफर में हमारे पास CNG गाड़ी थी, जिसमें करीब 6 किलो CNG उपलब्ध थी। पेट्रोल का टैंक भी आधा ही भरा था। एक्सप्रेसवे शुरू होने से पहले हम CNG और पेट्रोल भरवाना भूल गए थे और सोचा एक्सप्रेसवे पर तो होगा ही, वहां रुककर भरवा लेंगे। लेकिन 210 किमी के इस एक्सप्रेसवे पर कहीं भी CNG और पेट्रोल पंप नहीं हैं। आने वाले समय में वे साइड अमेनिटीज के साथ इनकी भी व्यवस्था होगी, लेकिन अभी अगर आप इस एक्सप्रेसवे से जा रहे हैं तो फ्यूल टैंक फुल करवाकर ही निकलें। अगर रास्ते में फ्यूल खत्म हो जाए तो आपके पास एक्सप्रेसवे से बाहर निकलने के अलावा अभी कोई अन्य विकल्प नहीं है।

Delhi Dehradun Expressway delhi

दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर दिल्ली में सफर टोल फ्री

कहीं गाड़ी पंक्चर हो जाए तो...

दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटा भर रही हैं। लेकिन इस 210 किमी लंबे एक्सप्रेसवे पर अगर आपकी गाड़ी का टायर पंक्चर हो जाए या कोई अन्य समस्या आ जाए तो आपका भगवान ही मालिक है। क्योंकि पूरे एक्सप्रेसवे पर अभी तक कोई भी ऐसी सुविधा नहीं है। हालांकि, अन्य हाईवे और एक्सप्रेसवे पर NHAI की पेट्रोलिंग टीम इसकी व्यवस्था कर देती है... हमें इसकी जरूरत नहीं पड़ी...इसलिए यह सुविधा इस एक्सप्रेसवे पर मिलेगी या नहीं, इस बारे में कहा नहीं जा सकता।

एक्सप्रेसवे पर बंदरों का कब्जा

दिल्ली से फर्राटा मारते हुए जब आप करीब 2 घंटे में सहारनपुर से आगे निकलते हैं तो पहाड़ों की वादियों की खुशबू आने लगती हैं। पहाड़ों की धुंधली-धुंधली छवि भी दिखने लगती है। फिर कुछ ही मिनटों में गणेशपुर टोल प्लाजा को पार करके आप एनिमल कॉरिडोर तक पहुंच जाते हैं। मोहंड के जंगल में एलिवेटेड कॉरिडोर को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि जानवर नीचे से गुजर जाएं और गाड़ियों की रफ्तार भी न थमे। लेकिन डाट काली मंदिर के पास पहुचते ही आपकी रफ्तार पर अचानक ब्रेक लग जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां एक्सप्रेसवे पर बंदरों ने कब्जा जमा रखा है। कभी बड़े तो कभी छोटे बंदर अचानक सड़क के बीच में आ जाते हैं। 100 की रफ्तार से फर्राटा मार रही गाड़ियों के लिए यह गंभीर खतरा है, क्योंकि यहां बंदर बड़े एक्सीडेंट का कारण बन सकते हैं। अगर बंदर को टक्कर मारकर गाड़ी का एक्सीडेंट नहीं हुआ और आपने समय पर ब्रेक लगा दिए तो पीछे से आ रही गाड़ी टक्कर मार सकती है। इसलिए NHAI और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से गुजारिश है कि यहां बंदरों का कुछ इंतजाम जरूर करें।

देहरादून बन गया 'जाम' नगर

हालांकि, यह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की कोई खामी नहीं है। लेकिन इस एक्सप्रेसवे को डिजाइन ही इस तरह से किया गया है कि दिल्ली से देहरादून का सफर मात्र ढाई घंटे में हो जाएगा। एक्सप्रेसवे के बनने से पहले ही तय था कि इसके बनते ही दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग वीकेंड पर देहरादून और मसूरी की वादियों में पहुंचेंगे। इसके चलते देहरादून 'जाम' नगर बन गया है। शुक्रवार 1 मई को जब सुबह करीब 9 बजे हम आशारोड़ी चौक से देहरादून पहुंचे तो उसके बाद मसूरी पहुंचने में हमें तीन घंटे लग गए। जबकि देहरादून से मसूरी की दूरी एक से डेढ़ घंटे का है। लॉन्ग वीकेंड होने के कारण मसूरी में भी भीषण जाम लग गया और अब दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद देहरादून व मसूरी के लिए यह न्यू नॉर्मल है।

अगर आपके साथ बच्चे भी हैं तो उनके लिए दूध और खाने का इंतजाम घर से ही करके ले जाएं। इसके अलावा अगर आप बीच-बीच में चाय का लुत्फ लेते हैं तो अपने लिए भी चाय का इंतजाम करके जाएं। गाड़ी में इंफ्लेटर यानी हवा भरने वाली मशीन के साथ ही पेट्रोल/डीजल/सीएनजी आपकी गाड़ी जिस भी फ्यूल पर चलती हो, उसका टैंक फुल कराकर ही जाएं। क्योंकि एक्सप्रेसवे पर आपको इनकी सुविधा नहीं मिलेगी।

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Digpal Singh
दिगपाल सिंह author

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी... और देखें

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