Expressway News: दिल्ली-एनसीआर में लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम के बारे में आप जानते ही होंगे। अगर आप दिल्ली या नोएडा से ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करके ग्रेटर नोएडा की तरफ गए हैं तो आपने देखा होगा कि इस एक्सप्रेसवे पर कितना ज्यादा ट्रैफिक हो गया है। एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता चला गया है। इसके चलते इस एक्सप्रेसवे के एक विकल्प की तलाश की गई, जिसके बाद यमुना पुस्ते के साथ नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे (Greater Noida Expressway) के समानांतर नया एक्सप्रेसवे बनाने की योजना बनी। यमुना पुस्ते के साथ यह एक्सप्रेसवे पहले सेक्टर 150 तक बनाया जाना था। लेकिन अब इसे परी चौक तक बनाया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया गया है, जहां से जल्द ही उड़ान सेवाएं शुरू होने वाली हैं। इसके अलावा यहां यमुना अथॉरिटी के फ्लैट्स बनाए जा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्म सिटी भी बसाई जा रही है। ग्रेटर नोएडा में भी आबादी तेजी से बढ़ रही है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक के दबाव लगातार बढ़ रहा है।
भविष्य की कनेक्टिविटी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस नए एक्सप्रेसवे कॉरिडोर की योजना बनाई गई है। जैसा कि हमने पहले ही बताया यमुना पुस्ते के पास प्रस्तावित यह एक्सप्रेसवे पहले नोएडा सेक्टर 94 से सेक्टर 150 तक बनाया जाना था। अब इस योजना को ग्रेटर नोएडा में परी चौक तक बढ़ाया जाएगा। यही नहीं, इसे आगे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (KGP) और भविष्य में यमुना एक्सप्रेसवे व नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव कम होगा और दिल्ली-एनसीआर को एक और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी।
परी चौक तक बनेगा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे
जैसा कि आप जानते ही हैं कि पहले यह परियोजना नोएडा सेक्टर 04 से नोएडा सेक्टर 150 तक प्रस्तावित थी। और अब इसे परी चौक तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। नोएडा अथॉरिटी की सेक्टर 150 से परी चौक तक के इस नए विस्तारित हिस्से को एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे क्षेत्र में बिना किसी रोक-टोक के आवाजाही सुनिश्चित होगी और ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी। भविष्य में इस परियोजना के पूरा होने से दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और जेवर एयरपोर्ट के बीच सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
इन रोड्स से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
इस नई परियोजना के तहत नोएडा सेक्टर 94 एक बड़े जंक्शन के रूप में विकसित होगा। यहां से डीएनडी फ्लाईवे, निर्माणाधीन चिल्ला एलिवेटेड रोड और कालिंदी कुंज रूट को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इस नई सड़क परियोजना के बन जाने से दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इसके लिए निर्माणाधीन चिल्ला एलिवेटेड रोड को महामाया फ्लाईओवर से आगे बढ़ाकर सेक्टर 94 तक बढ़ाए जाने की भी योजना है। भविष्य में इस सड़क परियोजना को यमुना एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा।
10 लेन चौड़ी होगी एक्सप्रेसवे परियोजना
ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के समानांतर यमुना पुस्ता पर बनने वाली इस परियोजना पर लगभग 4300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। 31.437 किमी लंबी इस सड़क परियोजना में सड़क 6 लेन की बनाई जानी थी, जिसे अब 10 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इसमें से 1400 करोड़ रुपये तो भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के तहत लगभग 14.2 किमी का हिस्सा एलिवेटेड बनाया जाएगा।
DPR हो रही तैयार
यूपीडा की सलाहकार एजेंसी ने इस परियोजना के लिए शुरुआती सर्वे पूरा कर लिया है। रिपोर्ट नोएडा अथॉरिटी को सौंप भी दी गई है। अब परियोजना के लिए DPR तैयार हो रही है। इसकी जिम्मेदारी एलएंडटी लिमिटेड को दी गई है और तीन महीने में डीपीआर तैयार करने का लक्ष्य भी रखा गया है। इस परियोजना पर खर्च होने वाली राशि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी मिलकर वहन कर सकते हैं। हालांकि, अंतिम फैसला शासन स्तर पर ही होगा।
