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Greater Noida West के लिए खुशखबरी! जाम से मिलने वाला है छुटकारा, बचे सिर्फ 95 दिन

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों से बात करेंगे तो उनके जीवन का सबसे बड़ा कष्ट ही यहां लगने वाला जाम है। लेकिन जल्द ही नोएडा एक्सटेंशन को जाम की टेंशन से मुक्ति मिलने वाली है।

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ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मिलने वाला है जाम से छुटकारा, पूरा होने को है चार मूर्ति अंडरपास का काम

Greater Noida West News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को बड़ी ही बेसब्री से चार मूर्ति चौक पर बन रहे अंडरपास के खुलने का इंतजार है। इस अंडरपास का काम चल रहा है, जिसके कारण आसपास की सड़कें और सर्विस रोड पर भी सुबह-शाम भारी जाम लगा रहता है। स्थानीय निवासियों को खासतौर पर शनिवार-रविवार और छुट्टी के दिन जाम के कारण बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां के निवासी अब यही दुआ कर रहे हैं कि जल्द से जल्द अंडरपास का काम पूरा हो और उन्हें भारी ट्रैफिक जान से छुटकारा मिले। हालांकि, अंडरपास बन जाने के बाद भी नोएडा एक्सटेंशन (Noida Extension) की जाम की समस्या खत्म होगी, इसको लेकर संशय है। फिर भी स्थानीय निवासियों के लिए खुशखबरी ये है कि जल्द ही अंडरपास का कामू पूरा हो सकता है और 15 अगस्त तक इसे आम जनता के लिए खोला भी जा सकता है। यानी सब ठीक रहा तो तीन महीने बाद आप इस अंडरपास का इस्तेमाल करने लगेंगे।

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने कल यानी सोमवार 11 मई को ही कहा कि अंडरपास का काम लगभग पूरा हो गया है और 15 अगस्त तक इसे आम जनता के लिए खोला जा सकता है। अंडरपास कंस्ट्रक्शन के चलते अभी सूरजपुर-गाजियाबाद रोड पर ट्रैफिक का प्रतिबंध लगा हुआ है। बता दें कि यह पूरा प्रोजेक्ट करीब 92 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है।

26 में से 20 सेक्शन का काम हो चुका है पूरा

चार मूर्ति चौक पर बन रहा यह अंडरपास (Char Murti Chowk Underpass) लगभग 700 मीटर लंबा है और यह ग्रेटर नोएडा वेस्ट से सबसे व्यस्त सूरजपूर-गाजियाबद रोड के चार मूर्ति चौक के हिस्से से ट्रैफिक का दबाव कम करेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट को 26 सेक्शन में बांट गया है, जिसमें से 20 का काम पूरा भी हो चुका है। बाकी के 6 पर अभी तेजी से काम चल रहा है। इन 6 सेक्शन में खुदाई, रिटेनिंग वॉल का निर्माण, स्लोप की लेवलिंग जैसे काम बचे हैं। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के CEO रवि कुमार एनजी ने बताया कि उनके पास इस अंडरपास को अगस्त तक पूरा करने का टार्गेट रखा गया है।

स्थानीय लोगों के लिए 'टेंशन' है चार मूर्ति

ग्रेटर नोएडा वेस्ट को नोएडा एक्सटेंशन भी कहा जाता है और यहां के लोगों के लिए चार मूर्ति चौक एक टेंशन से कम नहीं है। यहां पर नोएडा, सूरजपुर, क्रॉसिंग रिपब्लिक और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की तरफ से भारी ट्रैफिक का दबाव रहता है। यहां पर जुलाई 2024 में अंडरपास निर्माण का कार्य शुरू हुआ था और इसे पूरा करने के लिए 18 महीने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि, प्रदूषण के चलते लगे GRAP के कारण इस प्रोजेक्ट का काम पहले ही पिछड़ चुका है।

Greater noida west char murti

चार मूर्ति चौक पर बन रहा अंडरपास (फोटो - magicbricks.com)

जाम के कारण मिनटों के सफर में लगते हैं घंटे

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसी भी व्यक्ति से पूछिए, उनके जीवन का सबसे बड़ा दुख ही चार मूर्ति चौक और उसके आसपास लगने वाला जाम है। सुबह और शाम के पीक आवर्स के समय यहां घंटों लंबा जाम लगा रहता है और दो-तीन किलोमीटर के सफर में ही घंटे लग जाते हैं। निर्माण कार्य कचलते डायवर्जन ने क्षेत्र में हालात को और भी बिगाड़कर रख दिया है। इसके कारण सर्विस रोड भी अक्सर जाम से पटी रहती हैं।

मेन स्लैब का काम पिछले साल हो चुका है पूरा

ज्ञात हो कि पिछले साल सितंबर में अंडरपास के मेन स्लैब का काम पूरा करके इसे ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया था। स्लैब के ऊपर से ट्रैफिक का मूवमेंट शुरू होने से लोगों को कुछ हद तक राहत मिली। इसके चलते नोएडा से एक मूर्ति चौक की ओर आने-जाने वाले ट्रैफिक को आसानी हुई।

बता दें कि चार मूर्ति चौक पर बन रहा 6 लेन का अंडरपास 60 मीटर के रोड पर बनाया जा रहा है। यह अंडरपास गौर सिटी और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को सूरजपुर और ग्रेटर नोएडा से सीधी कनेक्टिविटी देता है। ट्रैफिक पुलिस ने इस निर्माण कार्य के चलते मुख्य कैरिजवे के ट्रैफिक को सर्विस लेन में डायवर्ट किया है, जिसके कारण यहां लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ता है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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