शहर

Bihar News: होमवर्क भूलने का साइड इफेक्ट, टीचर की सजा ने पहुंचाया हॉस्पिटल; उठक-बैठक के बाद 7 छात्राएं बेहोश

बिहार के खगड़िया जिले के एक विद्यालय में होमवर्क पूरा न करने पर कथित सजा के दौरान सात छात्राएं अचानक बेहोश हो गईं, जिससे स्कूल में हड़कंप मच गया। सभी छात्राओं को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू करते हुए संबंधित शिक्षक और प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है।

Image

बिहार के खगड़िया के स्कूल में बेहोश हुईं सात छात्राएं (प्रतीकात्मक फोटो)

Bihar School News: बिहार के खगड़िया जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां स्कूल में दी गई सजा के दौरान सात छात्राएं बेहोश हो गईं। घटना के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया और अभिभावकों के साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी नाराजगी जताई। सूचना मिलने पर शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।

जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार को खगड़िया जिले के मानसी नगर पंचायत क्षेत्र स्थित एक विद्यालय में हुई। बताया जा रहा है कि कक्षा छह की कुछ छात्राओं ने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया था। इस पर एक शिक्षक ने कथित तौर पर उन्हें दंड स्वरूप उठक-बैठक लगाने के लिए कहा। इसी दौरान सात छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे एक-एक कर जमीन पर गिरकर बेहोश हो गईं। छात्राओं के बेहोश होने से स्कूल में अफरातफरी का माहौल बन गया।

छात्राओं को मिली अस्पताल से छुट्टी

स्कूल प्रशासन ने तत्काल सभी छात्राओं को इलाज के लिए मानसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकीय निगरानी के बाद जब सभी छात्राओं की हालत सामान्य पाई गई तो उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फिलहाल सभी छात्राएं सुरक्षित बताई जा रही हैं। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक और ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए। उन्होंने बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई और कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।

शिक्षक और प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया

जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड ने कहा कि विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि संबंधित शिक्षक द्वारा मनमाने ढंग से कार्रवाई किए जाने की शिकायत मिली है। मामले में शिक्षक और विद्यालय के प्रधानाध्यापक दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अगर उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले के सभी सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की शारीरिक सजा न दी जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा सामने आने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article