ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को निशाना बनाकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि मामले में एसआईटी की जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन विजय शाह के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी का अभी इंतजार है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने बताया कि एसआईटी अपनी जांच पूरी कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि सक्षम प्राधिकारी से अभियोजन की मंजूरी मिलने के बाद संबंधित अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में भी दर्ज किया कि एसआईटी की रिपोर्ट में जांच पूरी होने की बात कही गई है और रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में रखा गया है।
अभियोजन की मंजूरी पर अभी फैसला बाकी
पीठ ने कहा कि अभियोजन की मंजूरी का मुद्दा फिलहाल सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विचाराधीन है। जैसे ही मंजूरी मिलती है, सक्षम क्षेत्राधिकार वाली अदालत के सामने आरोपपत्र दाखिल कर दिया जाएगा। इन दलीलों का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
सुनवाई के दौरान विजय शाह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनींदर सिंह ने कहा कि मंत्री ने अपनी टिप्पणी के अगले ही दिन सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि मंत्री की माफी को भी ध्यान में रखा जाए। हालांकि, पीठ ने कहा कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट अंततः सक्षम प्राधिकारी के पास जानी है और फिलहाल अभियोजन की मंजूरी का मुद्दा लंबित है।
जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार
इस मामले में 28 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को सार्वजनिक माफी दर्ज नहीं कराने को लेकर कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने कहा था कि वह “अदालत के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।” पीठ ने यह भी कहा था कि मंत्री का आचरण उनके इरादों और नेक नीयत को लेकर संदेह पैदा करता है। इससे पहले शाह के वकील ने अदालत को बताया था कि मंत्री सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं और उनकी माफी ऑनलाइन भी साझा की गई थी।
मई 2025 में एसआईटी का हुआ था गठन
28 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ विवादित टिप्पणी के मामले में विजय शाह के खिलाफ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही को बंद करने का आदेश दिया था। साथ ही, अदालत ने एसआईटी से मामले की स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को फटकार लगाते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया था।
किस बयान को लेकर विवाद में आए थे विजय शाह?
विजय शाह उस समय विवादों में घिर गए थे, जब एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्हें कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते देखा गया था। कर्नल सोफिया कुरैशी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मीडिया ब्रीफिंग में विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ प्रमुखता से नजर आई थीं। उनके खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर व्यापक आलोचना हुई थी।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी विजय शाह की टिप्पणियों को “अपमानजनक” बताते हुए उन्हें फटकार लगाई थी और कहा था कि उन्होंने कर्नल कुरैशी के खिलाफ “घटिया भाषा” का इस्तेमाल किया। अदालत ने पुलिस को उनके खिलाफ वैमनस्य और घृणा फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। टिप्पणी पर चौतरफा आलोचना के बाद विजय शाह ने खेद जताया था। उन्होंने कहा था कि वह कर्नल सोफिया कुरैशी का अपनी बहन से भी अधिक सम्मान करते हैं।
