दिल्ली में जंतर-मंतर सहित NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आज यानी सोमवार 31 अगस्त को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष नई याचिका का उल्लेख किया। उन्होंने मामले को मंगलवार, 1 सितंबर को सूचीबद्ध करने की मांग की, जिसे CJI ने मंजूरी दे दी है।
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की है। याचिका में ऐसे प्रदर्शनकारियों को लेकर राहत मांगी गई है, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस ने भी सुप्रीम कोर्ट से इन FIR को रद्द करने का अनुरोध किया है। मामला दिल्ली के जंतर-मंतर सहित NEET पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान कथित हिंसा से जुड़ा है। केंद्र की याचिका में दिल्ली और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों का भी उल्लेख किया गया है।
अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर कल यानी मंगलवार 1 सितंबर को सुनवाई करेगा। अदालत की सुनवाई के बाद यह साफ होगा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर क्या राहत मिलती है।
गौरतलब है कि CJP आगामी शनिवार 5 सितंबर को जंतर-मंतर पर एक बार फिर धरना प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करवाने के लिए CJP की ओर से यह धरना प्रदर्शन रखा गया है। इस तरह से कहा जा सकता है कि CJP के दबाव के आगे आखिरकार सरकार झुकती नजर आ रही है।
