प्रयागराज

Apple फाउंडर स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन भी पहुंचेंगी महाकुम्भ, 17 दिन रहकर संगम में लगाएंगी डुबकी

iPhone हो या iPad, या फिर Macbook इन सबको बनाने वाली कंपनी Apple Inc के संस्थापक थे स्टीव जॉब्स। अब उन्ही स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स प्रयागराज में लगने वाले महाकुम्भ 2025 के लिए भारत आ रही हैं और वह यहां 17 दिन रुककर पवित्र संगम में डुबकी भी लगाएंगी।

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लॉरेन पॉवेल जॉब्स आएंगी महाकुम्भ 2025 में

Photo : Twitter

iPhone और iPad बनाने वाली दुनिया की मशहूर टेक्नोलॉजी कंपनी Apple Inc के फाउंडर थे स्टीव जॉब्स। स्टीव जॉब्स की उत्तराखंड में नैनीताल के पास कैची धाम और नीम करौली बाबा में बड़ी आस्था थी। अब उनकी पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स को लेकर खबरें हैं। प्रयागराज में संगम तट पर महा कुम्भ (Mahakumbh 2025) मेले का आयोजन हो रहा है। 13 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुम्भ में स्टीव जॉब्स की विधवा लॉरेन पॉवेल जॉब्स (Laurene Powell Jobs) भी शामिल होंगी। 61 वर्षीय लॉरेन 17 दिन तक संगम पर रहेंगी।

लॉरेन पॉवेल जॉब्स अमेरिका की अरबपति व्यवसायी और एक परोपकारी महिला हैं। उम्मीद की जा रही है कि वह श्री पंचायती तपोनिधि निरंजनी अखाड़ा के शिविर में रहेंगी, जिसके प्रमुख स्वामी कैलाशानंद गिरी हैं। लॉरेन के यहां 13 जनवरी 2025 को पहुंचने की उम्मीद है और वह 29 जनवरी तक संगम पर रह सकती हैं। इस दौरान वह सनातन धर्म की शिक्षाओं को बेतहत ढंग से समझेंगी। स्वामी कैलाशानंद गिरी का कहना है कि टेंट सिटी में मौजूद हमारे शिविर में गतिविधियां 13 जनवरी को शुरू होंगी और लॉरेन पहेल दिन से यहां मौजूद रहेंगी।

प्रवचन भी सुरेंगी लॉरेन

स्वामी कैलाशानंद गिरी ने बताया कि लॉरेन यहां पर 17 दिन रहेंगी और इस दौरान वह गंगा, यमुना और पौराणिक नदी सरस्वती के संगम पर पवित्र डुबकी लगाएंगी और मेला क्षेत्र में साधुओं के प्रवचन भी सुनेंगी। लॉरेन के पति और एप्पल इंक के सह-संस्थापक (co-founder of Apple Inc) स्टीव जॉब्स (Steve Jobs) का अक्टूबर 2011 में सिर्फ 56 साल की उम्र में ही निधन हो गया था।

जैसा कि आप जानते ही हैं लॉरेन के पति स्टीव साल 1974 में अपने रीड कॉलेज के दोस्त और बाद में एप्पल के कर्मचारी बने डैनियल कॉटके के साथ नैनीताल के पास नीम करौली बाबा की शरण में उनके कैची आश्रम आए थे और यहां से उनका समय बदल गया। स्टीव जॉब्स की ही तरह उनकी पत्नी लॉरेन का भी सनातन में विश्वास है। लॉरेन के अलावा भी महाकुम्भ 2025 में दुनियाभर से कई बड़ी-बड़ी हस्तियों के आने की उम्मीद है।

कहां-कहां लगता है कुम्भ मेला

13 जनवरी से शुरू होने वाला महा कुम्भ, 26 फरवरी 2025 तक यानी कुल 45 दिन तक चलेगा। कुंभ मेले का आयोजन देश में 4 जगहों (प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन) में हर 12 साल में लगता है। हर एक जगह पर 12-12 वर्ष में कुम्भ मेले का आयोजन होता है। इस तरह से लगभग हर 3-4 साल में इनमें से किसी न किसी एक जगह पर कुम्भ मेले का आयोजन होता है।

सुधा मूर्ति और सावित्री जिंदल भी आएंगी

लॉरेने के अलावा मशहूर शिक्षाविद, लेखक और परोपकारी सुधा मूर्ति भी संगम में डुबकी लगाने आएंगे। ज्ञात हो कि सुधा मूर्ति इंफोसिस फाउंडेशन के संस्थापक और इंफोसिस के को-फाउंडर एनआर नायारण मूर्ति की पत्नी हैं। सुधा मूर्ति के लिए प्रयागराज में उल्टा किला के पास एक कॉटेज बनाया गया है। स्वामी अवधेशानंद गिरी के शिविर के एक सदस्य ने बताया कि वह महा-कुम्भ मेले के दौरान वह संगम के रेतीले तट पर रहेंगी। ओपी जिंदल ग्रुप की पूर्व चेयरपर्सन सावित्री जिंदल के भी महा-कुम्भ में आने की उम्मीद है. दोनों वीआईपी के जूना अखाड़े के शिविर में रहने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। जिसका नेतृत्व स्वामी अवधेशानंद गिरी और पर्मार्थ निकेतन के आध्यात्मिक प्रमुख व अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती करते हैं।

हेमा मालिनी भी पहुंचेंगी

बॉलीवुड अभिनेत्री और तीन बार से मथुरा की सांसद हेमा मालिनी भी महाकुम्भ के दौरान संगम में डुबकी लगाने को पहुंचेंगी। हेमा मालिनी टेंट सिटी के अन्न पूर्णा मार्ग पर बने स्वामी अवधेशानंद गिरी के शिविर में रहेंगी। बॉलीवुड एक्टर विवेक ओबरॉय के भी अरैल में मौजूद स्वामी चिदानंद सरस्वती के शिविर में आने की उम्मीद है।

सांसद और उद्योगपति नवीन जिंदल अपने परिवार के साथ यहां पहुंच सकते हैं। मशहूर उद्योगपति गोपीचंद हिंदुजा भी 20 जनवरी के आसपास टेंट सिटी में सेक्टर 19 स्थित अखिल भारतीय धर्म संघ के कैंप में आने की उम्मीद है। भजन गायक अनूप जलोटा और राखी सावंत के भी जूना अखाड़ा के महायोगी पायलट बाबा के शिविर में आने की उम्मीद है। अभिनेता राजपाल यादव, आशुतोष राणा और उनकी एक्ट्रेस पत्नी रेणुका शहाणे कुछ दिन मेला क्षेत्र में प्रभाकर शासरत्ती 'दद्दाजी' के शिविर में रहेंगे।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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