Maha Shivratri 2023: प्रयागराज में महादेव का एक अनूठा प्राचीन मंदिर है, जहां बाबा आज भी अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं। त्रिवेणी संगम की पावन नगरी में मोक्षदायिनी मां गंगा के तट पर स्थित शिवकुटी पुरम में बाबा कोटेश्वर महादेव विराजमान है। कहा जाता है कि, त्रेतायुग में मौजूद इस मंदिर में शिवलिंग की स्थापना भगवान श्रीराम ने स्वयं की थी।
महाशिवरात्रि का पर्व नजदीक है, ऐसे में भगवान शिव के भक्तों को बताते हैं कुछ खास ऐसे मंदिर जहां के कंकर -कंकर में शंकर का वास है। तो चलिए ऐसे ही एक मंदिर के बारे में बताते हैं, जहां का पौराणिक महत्व इतना है कि, आज भी भोले के दीदार के लिए उसकी चौखट पर लगता है भक्तों का तांता। यहां पर महादेव की कृपा ऐसी की प्रभु श्रीराम को भी उनके दर्शनों के लिए संगम के तीरे आना पड़ा।
