Prayagraj Hotel Fire News: संगम नगरी प्रयागराज के सिविल लाइन्स इलाके में स्थित विट्ठल होटल में सोमवार दोपहर भीषण आग लगने से इलाके में अफरातफरी मच गई। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आधा दर्जन फायर टेंडर और नगर निगम की चार गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि होटल में फंसे करीब 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और इस बड़े अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई।
कितने बजे लगी आग?
जानकारी के मुताबिक, होटल में दोपहर करीब 1:30 बजे आग लगी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि होटल के बाहर लगे ट्रांसफार्मर में विस्फोट होने के बाद आग भड़की, जिसने देखते ही देखते चार मंजिला होटल को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि होटल के कई कमरे, किचन और एसी पूरी तरह जलकर खाक हो गए। वहीं होटल के नीचे खड़ी दो बाइकें भी आग की भेंट चढ़ गईं।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही सीएफओ चंद्र मोहन शर्मा, एसीपी सिविल लाइन्स विद्युत गोयल और सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। बाद में एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। अधिकारियों की सतर्कता और समय पर शुरू किए गए राहत कार्यों की वजह से आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोक लिया गया।
आसपास छाया धुएं का गुबार
हालांकि आग की चपेट में सामने की एक बिल्डिंग भी आ गई थी, लेकिन दमकल कर्मियों ने समय रहते उस पर भी नियंत्रण पा लिया। आग लगने के बाद होटल के आसपास धुएं का गुबार और तेज लपटें उठती रहीं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सुरक्षा के मद्देनजर होटल के पास स्थित इंडियन कॉफी हाउस को भी तत्काल बंद करा दिया गया।
सीएम योगी ने लिया घटना पर संज्ञान
इस घटना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। आग पर काबू पाने और किसी तरह की जनहानि न होने के बाद प्रशासन और फायर विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। वहीं सिविल लाइन्स जैसे पॉश इलाके में हुए इस बड़े अग्निकांड ने फायर सेफ्टी व्यवस्था, फायर ब्रिगेड की एनओसी प्रक्रिया और प्रयागराज विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
